एजुकेशन
Jaya Pandey | Sep 01, 2025, 11:18 AM IST
1.ऋषभ अग्रवाल ने मेटा के सुपरइंटेलिजेंस टीम से 5 महीने में क्यों किया रिजाइन?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दिग्गज ऋषभ अग्रवाल ने मेटा के सुपरइंटेलिजेंस टीम में शामिल होने के 5 महीने बाद ही रिजाइन कर दिया है. ऐसे में लोग उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना चाहते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि ऋषभ अग्रवाल कितने पढ़े-लिखे हैं और उनका अबतक का करियर कैसा रहा है?
2.आईआईटी बॉम्बे से की है पढ़ाई

ऋषभ अग्रवाल ने अपनी शैक्षिक यात्रा की शुरुआत आईआईटी बॉम्बे से की जिसे भारत के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक माना जाता है. उन्होंने यहां से कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग (सीएसई) में स्नातक की डिग्री हासिल की. यहां से ही उनकी दिलचस्पी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग में बढ़ी.
3.आईआईटी बॉम्बे में कई रिसर्च प्रोजेक्ट में लिया हिस्सा

आईआईटी बॉम्बे में अपनी पढ़ाई के दौरान ऋषभ ने ग्रेजुएशन रिसर्च प्रोजक्ट में हिस्सा लेकर रिसर्च एक्सपीरियंस हासिल किया. उनके शुरुआती प्रोजेक्ट्स में से एक स्क्रैबल खेल के लिए एक मूल्यांकन फंक्शन बनाना था जिससे ऋषभ की एआई बेस्ट स्ट्रैटजी और प्रॉब्लम सॉल्विंग मैथड में दिलचस्पी के बारे में पता चला.
4.इस इंस्टीट्यूट से की है पीएचडी

आईआईटी से ग्रेजुएट होने के बाद ऋषभ ने मिला के क्यूबेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंस्टीट्यूट में पीएचडी की पढ़ाई की. यह इंस्टीट्यूट विश्व स्तरीय और प्रसिद्ध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च सेंटर है. यहां उन्होंने आरोन कौरविले और मार्क जी. बेलेमारे के साथ काम किया.
5.ऋषभ अग्रवाल ने इन कंपनियों में की इंटर्नशिप

ऋषभ अग्रवाल ने अपनी स्नातक की डिग्री के दौरान इंटर्नशिप करके पेशेवर अनुभव हासिल करना शुरू किया. उन्होंने सावन, टावर रिसर्च कैपिटल और वेमो में इंटर्नशिप की जिससे उन्हें अपने करियर के शुरुआती दौर में ही एआई, डेटा सिस्टम और बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग के रीयल वर्ल्ड एप्लीकेशन पर बढ़िया इनसाइट मिली.
6.गूगल ब्रेन में सीनियर रिसर्च साइंटिस्ट के तौर पर किया काम

अपनी पीएचडी पूरी करने के बाद अग्रवाल गूगल ब्रेन में सीनियर रिसर्च साइंटिस्ट के तौर पर शामिल हो गए. यहां उन्होंने डीप रीइन्फोर्समेंट लर्निंग पर केंद्रित प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया. यह एआई के जरूरी पिलर्स में से एक है जो मॉडलों को ठीक इंसानों की तरह टेस्टिंग और एरर के माध्यम से सीखना सिखाते हैं.
7.डीपमाइंड में रिसर्च साइंटिस्ट रहे ऋषभ अग्रवाल

ऋषभ 2021-2025 तक दुनिया भर में सबसे ज़्यादा पहचानी जाने वाली एआई रिसर्च लैब्स में से एक डीपमाइंड में रिसर्च साइंटिस्ट रहे. अग्रवाल ने लैब में लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (एलएलएम), सेल्फ-इम्प्रूविंग सिस्टम्स और मॉडल डिस्टिलेशन पर काम किया.
8.2025 में मेटा की सुपरइंटेलिजेंस टीम की थी जॉइन

ऋषभ अग्रवाल ने अप्रैल 2025 में मेटा की सुपरइंटेलिजेंस टीम के साथ काम करना शुरू किया. सुपरइंटेलिजेंस टीम मेटा के भीतर एक बिल्कुल नई एआई पहल थी जिसका काम अगली पीढ़ी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम बनाना था. अग्रवाल ने सुपरइंटेलिजेंस टीम की प्रतिष्ठा और सात अंकों वाले वेतन की परवाह किए बिना सिर्फ पांच महीने बाद ही उसे छोड़ने का फैसला किया.
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