Advertisement

कितनी पढ़ी-लिखी हैं IAS VS Alagu Varshini? डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद क्रैक की थी UPSC

तेलंगाना कैडर की IAS VS Alagu Varshini दलित स्टूडेंट्स से टॉयलेट साफ करने को कहकर चर्चा में आ गई हैं, जानें वह कितनी पढ़ी-लिखी हैं और मेडिकल से लेकर यूपीएससी तक का उनका सफर कैसा रहा है...

Jaya Pandey | Jun 03, 2025, 04:55 PM IST

1.तेलंगाना में इस पद पर पोस्टेड हैं आईएएस आलागु वर्षिणी

तेलंगाना में इस पद पर पोस्टेड हैं आईएएस आलागु वर्षिणी
1

आईएएस आलागु वर्षिणी गुरुकुल के दलित स्टूडेंट्स को हॉस्टल और टॉयलेट साफ करने को कहकर चर्चा में आ गई हैं. इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उन्हें नोटिस भेज दिया है. आईएएस आलागु वर्षिणी  फिलहाल तेलंगाना के सोशल वेलफेयर रेसिडेंशियल एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस सोसायटी की सचिव हैं.

Advertisement

2.टीचर्स की बेटी हैं आलागु वर्षिणी

टीचर्स की बेटी हैं आलागु वर्षिणी
2

आलागु वर्षिणी तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के पोलाची की रहने वाली हैं. उनके पिता वीएस सोमा सुंदरम फिजिक्स के टीचर थे जबकि उनकी मां एम सेलवनायगम केमेस्ट्री की टीचर थीं.
 

3.इस स्कूल कॉलेज से पढ़ी हैं वर्षिणी

इस स्कूल कॉलेज से पढ़ी हैं वर्षिणी
3

आईएएस  वर्षिणी ने शिवालिक मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई की है जिसे उनके पिता ने ही बनवाया था. पढ़ाई के अलावा उन्हें वॉलीबॉल और खो-खो जैसे खेलों में भी दिलचस्पी थी. स्कूली शिक्षा खत्म होने के बाद उन्होंने मेडिकल की फील्ड में करियर बनाने की सोची. हालांकि एंट्रेंस एग्जाम में उन्हें इतना रैंक नहीं मिल पाया कि वह एमबीबीएस की पढ़ाई कर सकें. इस वजह से उन्होंने बीडीएस का कोर्स चुना.

4.इस शर्त के साथ दी थी यूपीएससी की परीक्षा

इस शर्त के साथ दी थी यूपीएससी की परीक्षा
4

उन्होंने चेन्नई के मीनाक्षी अम्माल डेंटल कॉलेज से बीडीएस की डिग्री हासिल की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ टाइम तक प्रैक्टिस भी की. उनके पिता कभी सिविल सेवक बनने का सपना देखते थे इसलिए उन्होंने उनके शर्त रखी कि अगर वह प्रीलिम्स में पास हो जाती हैं तो उनके पिता ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में विशेषज्ञता के लिए मैनेजमेंट कोटा में पैसे दे देंगे.

5.2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं वर्षिणी

2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं वर्षिणी
5

हालांकि इस प्रयास में वह यूपीएससी में फेल हो गईं और यह बात उनको नागवार गुजरी. वह यूपीएससी की तैयारी में पूरी तरह से जुट गईं और आखिरकार यह परीक्षा पास करके भारतीय डाक सेवा में शामिल हो गईं. हालांकि उन्होंने यूपीएससी में खुद को एक और मौका देने के बारे में सोचा और साल 2011 में इसे पास करके आईएएस अधिकारी बन गईं.

Advertisement
Advertisement
Advertisement