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कितने पढ़े-लिखे हैं IAS टीना डाबी के पति प्रदीप गवांडे? UPSC क्रैक करने के लिए छोड़ दी थी मेडिकल लाइन

आज हम आपको बताएंगे कि टीना डाबी के पति मेडिकल लाइन छोड़कर कैसे सिविल सेवा में आ गए और उनकी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में कौन सी रैंक आई थी?

Jaya Pandey | Sep 14, 2025, 11:37 AM IST

1.परिचय की मोहताज नहीं हैं टीना डाबी

परिचय की मोहताज नहीं हैं टीना डाबी
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टीना डाबी 2016 बैच की IAS अधिकारी हैं. उन्होंने 2015 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में पहली रैंक हासिल करके इतिहास रच दिया था. 9 नवंबर 1993 को मध्य प्रदेश के भोपाल में जन्मी टीना डाबी यूपीएससी टॉप करने वाली देश की पहली दलित महिला हैं.

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2.कहां से पढ़ी-लिखी हैं टीना डाबी?

कहां से पढ़ी-लिखी हैं टीना डाबी?
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उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली से पूरी की है और इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. उन्होंने 22 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी. फिलहाल वह बाड़मेर की डीएम हैं.

3.पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहती हैं टीना डाबी

पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहती हैं टीना डाबी
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यूपीएससी 2015 की टॉपर रहीं टीना डाबी अपने काम के साथ अपनी पर्सनल जिंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रहती हैं. उन्होंने 2018 में अपने बैचमेट आईएएस अतहर आमिर खान से शादी की, जिनसे उनकी मुलाकात ट्रेनिंग के दौरान हुई थी. बाद में 2021 में उनका तलाक हो गया.

4.2022 में टीना डाबी ने प्रदीप गवांडे से रचाई दूसरी शादी

2022 में टीना डाबी ने प्रदीप गवांडे से रचाई दूसरी शादी
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साल 2022 में टीना ने आईएएस प्रदीप गवांडे के साथ एक नया सफर शुरू किया और जयपुर में दोनों ने शादी कर ली. अब वे दोनों राजस्थान में कार्यरत हैं और अपने पेशेवर और निजी जीवन में एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं.

5.मेडिकल बैकग्राउंड से आते हैं आईएएस प्रदीप गवांडे

मेडिकल बैकग्राउंड से आते हैं आईएएस प्रदीप गवांडे
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आईएएस प्रदीप गवांडे एक मध्यमवर्गीय साधारण परिवार से आते हैं. उनका परिवार अब पुणे में बस गया है. वे पेशे से एक मेडिकल डॉक्टर हैं. औरंगाबाद के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रदीप ने नई दिल्ली के कई अस्पतालों में काम किया.

6.यूपीएससी में लाए थे 478वीं रैंक

यूपीएससी में लाए थे 478वीं रैंक
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चिकित्सा क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने 2012 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भी पास की, जिसमें उन्हें पूरे भारत में 478वीं रैंक मिली थी. इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाई और उन्हें राजस्थान कैडर मिला. फिलहाल वह जालौर के जिलाधिकारी हैं.

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