एजुकेशन
Jaya Pandey | Jul 10, 2025, 02:48 PM IST
1.अरविंद कुमार सिंह को यूपी सरकार ने क्यों सस्पेंड किया?

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रशासनिक अनुशासन के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए 2012 बैच के प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) अधिकारी अरविंद कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है. वह बिजनौर से ट्रांसफर होने के बाद देवरिया में अपनी नई पोस्टिंग पर कार्यभार ग्रहण करने में विफल रहे. आज हम आपको बताएंगे कि आखिर अरविंद कुमार सिंह कौन हैं और उनका राज्य सिविल सेवा का कैसा सफर रहा है.
2.बीटेक के बाद यूपीपीएससी में दूसरे प्रयास में हुआ सिलेक्शन

PCS ऑफिसर अरविंद कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के हापुड़ से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने रामपुर के सरस्वती विद्या मंदिर से मैट्रिक और जैन इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने गाजियाबाद के आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया. उनके सोशल मीडिया अकाउंट के मुताबिक उन्होंने बीटेक में टॉप किया है और फिजिक्स में गोल्ड मेडल भी पा चुके हैं.
3.UPPSC 2010 में लाए पहली रैंक

बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी थी लेकिन इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली. इस दौरान उनके दोस्तों ने उन्हें यूपी सिविल सेवा की परीक्षा देने की सलाह दी. इसके बाद साल 2009 में उन्होंने यूपीपीएससी का पहला अटेम्प्ट दिया लेकिन उसमें असफल रहे लेकिन दोबारा 2010 में इस परीक्षा में बैठकर उन्होंने इतिहास रच दिया और पहली रैंक के साथ इसे पास कर लिया.
4.कन्नौज में मिली पहली पोस्टिंग

यूपीपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद जब ट्रेनिंग पूरी हुई तो उनकी पहली पोस्टिंग डिप्टी कलेक्टर के पद पर कन्नौज में हुई. इसके बाद उन्हें मेरठ, शामली और अलीगढ़ का डिप्टी कलेक्टर बनाया गया. उन्होंने शाहजहांपुर में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर काम किया और फिर शामली, चित्रकूट, बिजनौर के एडीएम रहे.
5.अब यूपी सरकार ने चलाया सस्पेंशन का चाबुक

अब जब उन्हें देवरिया का एडीएम बनाकर उनका ट्रांसफर किया गया तो 810 किलोमीटर की दूरी उन्हें नागवार गुजरी और उन्होंने कथित तौर पर संपर्क से बचने के लिए अपना मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ कर लिया. देवरिया की डीएम दिव्या मित्तल एडीएम की नियुक्ति को लेकर लगातार सरकार को चिट्ठी लिखती रहीं. आखिरकार करीब 40 दिनों के इंतजार के बाद यूपी सरकार ने अरविंद कुमार सिंह पर सस्पेंशन का चाबुक चलाया है.