एजुकेशन
Jaya Pandey | Aug 06, 2025, 01:10 PM IST
1.अरविंदर सिंह बहल ने हाल ही में की अंतरिक्ष की सैर

भारतीय मूल के अरविंदर सिंह बहल ने हाल ही में जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन के साथ टूरिज्म फ्लाइट NS-34 के साथ अंतरिक्ष की यात्रा की. इस यात्रा में उनके साथ 5 और लोग शामिल थे. इसमें उन्हें Kármán line (अंतरिक्ष की एक सामान्य रूप से स्वीकृत सीमा) के ऊपर से गुजारा गया जिसमें पैराशूट के माध्यम से धरती पर लौटने से पहले इन यात्रियों ने कुछ मिनट भारहीनता का अनुभव किया.
2.रियल एस्टेट इंवेस्टर हैं अरविंदर बहल

अरविंदर सिंह बहल 80 साल के रियल एस्टेट इंवेस्टर हैं और उन्हें घूमने-फिरने का बहुत शौक है. उन्होंने हर देश की यात्रा की है. उनका जन्म 13 अक्टूबर 1945 को उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ था. वह भारतीय सेना में अपना करियर बनाना चाहते थे और 1962 में उन्होंने एनडीए में एडमिशन भी लिया लेकिन पोलो दुर्घटना में सुनने की शक्ति खोने के बाद उन्हें एकेडमी छोड़नी पड़ी.
3.कुछ ऐसा रहा बिजनेस का सफर

शुरुआत में उन्होंने दार्जिलिंग के एक चाय बागान में काम किया और 1970 के दशक में दिल्ली के पास एक कपड़ा निर्माण व्यवसाय स्थापित किया. 1975 में वे केवल 108 डॉलर लेकर अमेरिका चले गए और 1979 तक वहां के नागरिक बन गए. उन्होंने बहल प्रॉपर्टीज की स्थापना की और दशकों में रियल एस्टेट, फैशन और हॉस्पिटैलिटी में विस्तार किया.
4.हेलीकॉप्टर भी उड़ाते हैं अरविंदर सिंह बहल

अरविंदर छह भाषाएं बोलते हैं और उनके पास प्राइवेट पायलट का लाइसेंस भी है. वे हेलीकॉप्टर उड़ाते हैं और उन्होंने 196 देशों और दोनों ध्रुवों की यात्रा की है. इतना ही नहीं उन्होंने एवरेस्ट पर चढ़ाई की है, एवरेस्ट की चोटी से स्काईडाइविंग की है और गीजा के पिरामिडों का दौरा भी किया है.
5.अमेरिका के मैसाचुसेट्स में रहते हैं अरविंदर

अरविंदर बहल मैसाचुसेट्स के बेवर्ली में रहते हैं और उनकी शादी साल 1979 में हुई थी. उनके दो बच्चे और चार पोते-पोतियां हैं. उन्होंने अपनी यात्राओं का पूरा ब्यौरा अपनी वेबसाइट द टायरलेस ट्रैवलर में दिया है. उनके पास अपनी यात्राओं के दस लाख से ज़्यादा तस्वीरों का संग्रह भी है.
6.भविष्य के लिए करवाई थी एस्ट्रोनॉट की सीट रिजर्व

बहल जीवन भर चीजों को एक्सप्लोर करते रहे. उन्होंने एक बार वर्जिन गैलेक्टिक में भविष्य के अंतरिक्ष यात्री नंबर 326 के रूप में अपनी सीट आरक्षित कराई थी, लेकिन 2023 में कंपनी का ऑपरेशन बंद होने के बाद यह योजना विफल हो गई थी.
7.NS-34 ने यूं किया सपना साकार

एनएस-34 दशकों पुराने सपने के साकार होने का प्रतीक है. उनकी हर देश और दोनों ध्रुवों की यात्रा से लेकर एक बेहतरीन रॉकेट उड़ाने तक उनकी अद्भुत यात्रा इस बात का प्रतीक है कि सितारों तक पहुंचने में उम्र कोई बाधा नहीं है.
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