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कितनी पढ़ी-लिखी हैं सिमरन बाला जो रिपब्लिक डे परेड में संभालेंगी CRPF की कमान? जानें UPSC में लाई थीं कौन सी रैंक

सिमरन बाला इस बार 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में सीआरपीएफ की पुरुष टुकड़ी की कमान संभालेंगी. जानें उनका एजुकेशनल बैकग्राउंड क्या है और उनका यूपीएससी तक का सफर कैसा रहा है...

जया पाण्डेय | Jan 21, 2026, 04:59 PM IST

1.गणतंत्र दिवस परेड में सीआरपीएफ की पुरुष टुकड़ी की कमान संभालेंगी सिमरन बाला

गणतंत्र दिवस परेड में सीआरपीएफ की पुरुष टुकड़ी की कमान संभालेंगी सिमरन बाला
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जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की रहने वाली सिमरन बाला इस बार 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में सीआरपीएफ की पुरुष टुकड़ी की कमान संभालेंगी. भारत के अर्धसैनिक बलों में लैंगिक समानता की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसे में यह जानना भी जरूरी हो जाता है कि सिमरन बाला का एजुकेशनल बैकग्राउंड क्या है और उनका यूपीएससी तक का सफर कैसा रहा है.

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2.सिमरन बाला का एजुकेशनल क्वॉलिफिकेशन

सिमरन बाला का एजुकेशनल क्वॉलिफिकेशन
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सिमरन बाला की शुरुआती पढ़ाई जम्मू-कश्मीर के नौशेरा क्षेत्र से ही हुई है. उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई स्थानीय स्तर पर पूरी की. इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई नागबानी स्थित महाराजा हरि सिंह एग्रीकल्चरल कॉलेजिएट स्कूल से की. स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने गांधीनगर स्थित गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वीमेन से पॉलिटिकल साइंस विषय के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी की.

3.सिमरन बाला का यूपीएससी का सफर

सिमरन बाला का यूपीएससी का सफर
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ग्रेजुएशन के दौरान ही उनके मन में सिविल सेवा और देश की सेवा करने का विचार स्पष्ट होने लगा था. इसी समय उन्होंने यूपीएससी की कठिन परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी. कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ की गई तैयारी का नतीजा यह रहा कि साल 2023 में उन्होंने यूपीएससी की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) परीक्षा पास की. इस परीक्षा में उन्होंने 82वीं रैंक हासिल की और असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में चयनित हुईं.

4.लड़कियों की प्रेरणास्रोत हैं सिमरन बाला

लड़कियों की प्रेरणास्रोत हैं सिमरन बाला
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राजौरी जिले के नौशेरा में जन्मी और वहीं पली-बढ़ी सिमरन बाला उन युवा महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो देश के सीमावर्ती और चुनौतीपूर्ण इलाकों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं. वह अपने क्षेत्र से सीआरपीएफ में अधिकारी के रूप में शामिल होने वाली शुरुआती महिला अधिकारियों में शामिल हैं, जिससे स्थानीय लड़कियों के लिए भी एक नया रास्ता खुला है.

5.सिमरन बाला की ट्रेनिंग

सिमरन बाला की ट्रेनिंग
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सीआरपीएफ में चयन के बाद सिमरन बाला ने गुरुग्राम स्थित सीआरपीएफ अकादमी में बुनियादी और पेशेवर प्रशिक्षण प्राप्त किया. इस ट्रेनिंग के दौरान उन्हें नेतृत्व, अनुशासन और फील्ड ड्यूटी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की तैयारी कराई गई, जो किसी भी अर्धसैनिक अधिकारी के करियर की नींव मानी जाती है.

6.सिमरन बाला की पहली पोस्टिंग

सिमरन बाला की पहली पोस्टिंग
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ट्रेनिंग पूरा होने के बाद उनकी पहली महत्वपूर्ण तैनाती छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हुई. यह इलाका देश के सबसे चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनल ज़ोन में गिना जाता है. ऐसे क्षेत्र में तैनाती यह दर्शाती है कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी जिम्मेदारी निभाने की तैयारी और क्षमता दिखाई.

7.भारत की सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका

भारत की सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका
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गणतंत्र दिवस परेड में सीआरपीएफ की टुकड़ी का नेतृत्व करने के लिए सिमरन बाला का चयन उनकी पेशेवर योग्यता के साथ-साथ बल के भीतर महिला अधिकारियों को आगे बढ़ाने की सोच को भी दर्शाता है. कर्तव्य पथ पर उनकी अगुवाई न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि होगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत और व्यापक हो रही है.

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