एजुकेशन
मोहम्मद साबिर | Aug 11, 2026, 08:38 PM IST
1.कौन होता है Lawyer?

लॉयर उसे कहा जाता है, जिसने कानून की पढ़ाई की होती है, जिसे लेगुम बैकालॉरियस (Legum Baccalaureus, LLB) कहते हैं. लॉयर कानूनी सलाह, डॉक्यूमेंट्स और प्रक्रियाओं में मदद कर सकता है. हालांकि, लॉयर कोर्ट में केस नहीं लड़ सकता है.
2.क्या होता है Advocate?

Advocate उसे कहते हैं, जिसे LLB की कानूनी पढ़ाई के बाद काउंसिल ऑफ इंडिया से लाइसेंस मिला हो. एडवोकेट अपने क्लाइंट की ओर से कोर्ट में दलीले पेश कर सकता है और उसका केस लड़ सकता है.
3.क्या होता है Lawyer और Advocate में फर्क?

आपको बता दें कि Lawyer और Advocate में फर्क ये है कि लॉयर कोर्ट में सीधा केस नहीं लड़ सकता है, क्योंकि काउंसिल से लाइसेंस नहीं मिलने वाले को लॉयर कहते हैं, जबकि एडवोकेट कोर्ट में केस लड़ सकता है. हालांकि, दोनों ने एक ही पढ़ाई की होती है, लेकिन एडवोकेट वही बनता है, जिसने काउंसिल की परीक्षा पास कर लाइसेंस हासिल किया हो. इसी लिए कहा जाता है कि हर एडवोकेट लॉयर होता है, लेकिन हर लॉयर एडवोकेट नहीं होता है.
4.अक्सर लोग हो जाते हैं कन्फ्यूज

लॉयर और एडवोकेट में अक्सर लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं और दोनों की हो एक समझने लगते हैं. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. भले ही दोनों की पढ़ाई एक ही हो, लेकिन दोनों के बीच बड़ा अंतर होता है.
5.लॉयर बनने के लिए कितने साल की होती कानूनी पढ़ाई?

दरअसल, लॉयर बनने के लिए कानूनी पढ़ाई 5 साल की होती है. अगर आप 12वीं कक्षा के बाद कानूनी पढ़ाई करना चाहते हैं, तो वो 5 साल का कोर्स होता. वहीं अगर आपने ग्रेजुएशन कर लिया है और उसके बाद कानूनी पढ़ाई करनी है, तो इसका कोर्स 3 साल का होगा. ( ALL Photo-AI)