एजुकेशन
जया पाण्डेय | Jan 20, 2026, 05:08 PM IST
1.Urban Company के फाउंडर्स की सफलता की कहानी

आज Urban Company किसी परिचय की मोहताज नहीं है. लोग घर की साफ-सफाई, सैलून सेवाओं, मरम्मत और कई घरेलू कामों के लिए इसके प्रोफेशनल्स को बुलाते हैं. इस कंपनी की यात्रा केवल एशिया के सबसे बड़े घरेलू सेवा बाजार के निर्माण तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह तीन युवा भारतीय फाउंडर्स अभिराज सिंह बहल, वरुण खैतान और राघव चंद्र की साहसिक कहानी भी है. आज हम आपको बताएंगे कि Urban Company के को-फाउंडर और सीईओ अभिराज सिंह बहल कितने पढ़े-लिखे हैं और उनकी शिक्षा ने उन्हें सफल उद्यमी बनने में कैसे मदद की.
2.पिता हैं रिटायर्ड इंडियन नेवी ऑफिसर

अभिराज का जन्म मुंबई में एक उच्च-शिक्षित और प्रेरित परिवार में हुआ था. उनके पिता कमोडोर अशोक बहल भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी हैं जिन्होंने IIT रुड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की थी और नौसेना में हथियार प्रणालियों पर काम किया. अभिराज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नौसेना बाल विद्यालय से हासिल की और बाद में विशाखापत्तनम में पढ़े.
3.अभिराज सिंह बहल की शिक्षा और प्रारंभिक जीवन

बचपन से ही मेधावी अभिराज ने IIT में पढ़ाई करने का लक्ष्य अपने मन में रखा. उन्होंने IIT कानपुर से बी.टेक (B.Tech) किया और बाद में IIM अहमदाबाद से एम.बी.ए (MBA) किया. वहीं पर उनकी मुलाकात वरुण खैतान से हुई और दोनों गहरे दोस्त बन गए.
4.अभिराज सिंह बहल का कॉर्पोरेट अनुभव

MBA के बाद अभिराज ने सिंगापुर स्थित Boston Consulting Group (BCG) में काम किया, जहां उन्होंने भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और जर्मनी की फॉर्च्यून 500 कंपनियों को सलाह दी. यह अनुभव उन्हें व्यवसाय की जटिलताओं, रणनीति और बाजार की समझ सिखाने में मददगार साबित हुआ. हालांकि यह काम संतोषजनक था, लेकिन अभिराज के मन में कुछ बड़ा और नया करने की चाह पनप रही थी.
5.अभिराज सिंह बहल का स्टार्टअप की ओर पहला कदम

2011 से 2013 के बीच अभिराज और वरुण अक्सर भारत में उभरते ई-कॉमर्स उद्योग पर चर्चा करते रहते थे. वे दोनों इस उद्योग से बेहद प्रभावित थे लेकिन समय के साथ उन्हें लगा कि केवल चर्चा से आगे नहीं बढ़ा जा सकता. आखिरकार उन्होंने अपनी आरामदायक नौकरियों को छोड़कर स्टार्टअप्स की अनिश्चित राह चुनने का साहसिक फैसला किया.
6.अभिराज सिंह बहल का पहला स्टार्टअप

यह कदम विशेष रूप से अभिराज के लिए कठिन था क्योंकि वे अपने परिवार में पहले उद्यमी थे. अभिराज का उद्यमिता से पहला परिचय सिनेमा बॉक्स के माध्यम से हुआ, जिसे उन्होंने अपने IIT बैचमेट वरुण खैतान के साथ मिलकर शुरू किया था. यह सेवा यात्रियों को यात्रा के दौरान वाई-फाई के ज़रिए फ़िल्में देखने की सुविधा देती थी. हालांकि यह विचार अनोखा था लेकिन यह प्रयास बाज़ार में सफल नहीं हो पाया. हालांकि यह असफलता थी, लेकिन इसी अनुभव ने आगे चलकर Urban Company की सफलता की नींव रखी.
7.UrbanClap की शुरुआत और बढ़त

2014 में अभिराज, वरुण और राघव ने मिलकर UrbanClap (अब Urban Company) की शुरुआत की. शुरुआत में चुनौतियां बड़ी थीं. उन्हें कई बार सुबह 4 बजे कॉल आते थे जिससे वे तत्काल मुद्दों को सुलझा सकें. कठिनाइयों के बावजूद अभिराज की पत्नी ने हमेशा उनका साथ दिया और उन्हें प्रोत्साहित किया. धीरे-धीरे कंपनी ने फंडिंग के कई दौर पार किए, सेवाओं का विस्तार किया और 2020 में ब्रांड को Urban Company के नाम से रीब्रांड किया गया, जिससे इसकी वैश्विक महत्वाकांक्षाएं और भी स्पष्ट हुईं.
8.अभिराज सिंह बहल की उपलब्धियां

अभिराज ने कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी हासिल किए हैं, जिनमें Fortune 40 Under 40, Fortune 30 Under 30, और NTLF Entrepreneur of the Year जैसे सम्मान शामिल हैं. इनके माध्यम से न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि दर्शायी जाती है बल्कि यह भी कि कैसे एक दूरदर्शी विचार, कठिन परिश्रम और साहस ने Urban Company को सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचाया. अभिराज की शिक्षा, कॉर्पोरेट अनुभव और उद्यमी दृष्टि ने उन्हें सिर्फ एक बिजनेसमैन ही नहीं बल्कि भारत के घरेलू सेवा बाजार में क्रांति लाने वाला संस्थापक भी बनाया है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.