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स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की पढ़ाई ड्रॉप करके शुरू किया था Zepto, अब अमीरों की इस लिस्ट में आया नाम, जानें कितने पढ़े-लिखे हैं कैवल्य वोहरा

जेप्टो के को-फाउंडर कैवल्य वोहरा और आदित पालिचा को एवेंडस वेल्थ हुरुन इंडिया यूथ सीरीज 2025 की अंडर 30 लिस्ट में टॉप पर जगह मिली है. आज हम आपको बताएंगे कि कैवल्य वोहरा कितने पढ़े-लिखे हैं और स्टार्टअप का उनका अब तक का सफर कैसा रहा है?

Jaya Pandey | Jul 17, 2025, 05:23 PM IST

1.स्टार्टअप खोलने के लिए छोड़ दी पढ़ाई

स्टार्टअप खोलने के लिए छोड़ दी पढ़ाई
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बॉलीवुड फिल्म थ्री इडियट्स का डायलॉग है कि जब आपमें काबिलियत होती है तो कामयाबी झख मारकर आपके पीछे आती है. आज हम आपको जिस शख्स से मिलवाने जा रहे हैं उनकी कहानी भी कुछ ऐसी ही है. अपना बिजनेस का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने यूएस की जानी-मानी यूनिवर्सिटी की पढ़ाई छोड़ दी और आज पूरा देश उनकी काबिलियत का लोहा मान रहा है.

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2.एवेंडस वेल्थ हुरुन इंडिया यूथ सीरीज 2025 की लिस्ट में आया नाम

एवेंडस वेल्थ हुरुन इंडिया यूथ सीरीज 2025 की लिस्ट में आया नाम
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ग्रोसरी और फूड डिलिवरी स्टार्टअप जेप्टो के को-फाउंडर कैवल्य वोहरा और आदित पालिचा को एवेंडस वेल्थ हुरुन इंडिया यूथ सीरीज 2025 की अंडर 30 लिस्ट में टॉप पर जगह मिली है. यह लिस्ट भारत की अर्थव्यवस्था पर अहम प्रभाव डालने वाले 79 युवाओं को मान्यता देती है. आज हम आपको बताएंगे कि कैवल्य वोहरा कितने पढ़े-लिखे हैं और स्टार्टअप का उनका अब तक का सफर कैसा रहा है?

3.पढ़ाई छोड़ने से पहले कर रहे थे यह कोर्स

पढ़ाई छोड़ने से पहले कर रहे थे यह कोर्स
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2001 में जन्मे कैवल्य वोहरा ने मुंबई में अपनी शुरुआती पढ़ाई की है. उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने दुबई के एक कॉलेज से आगे की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने कंप्यूटर साइंस के कोर्स में दाखिला लेने के लिए अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी का रुख किया. लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी. 

4.19 की उम्र में शुरू किया स्टार्टअप

19 की उम्र में शुरू किया स्टार्टअप
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कैवल्य वोहरा ने स्टैनफोर्ड की पढ़ाई छोड़कर अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया. 19 साल की उम्र में उन्होंने अपने दोस्त आदित पलिचा के साथ मिलकर ज़ेप्टो की स्थापना की. इससे पहले उन्होंने एक और स्टार्टअप गोपूल शुरू किया था, जिसे पढ़ाई के साथ संतुलन बनाने की चुनौतियों के कारण उन्हें छोड़ना पड़ा था.

5.ऑनलाइन डिलिवरी सर्विस के रूप में लॉन्च किया जेप्टो

ऑनलाइन डिलिवरी सर्विस के रूप में लॉन्च किया जेप्टो
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ज़ेप्टो का विचार कैवल्य को कॉलेज के दिनों में आया था. ऑनलाइन ऑर्डर की धीमी डिलिवरी से परेशान होकर उन्होंने एक ऐसी कंपनी की कल्पना की जो कुछ ही घंटों में सामान लोगों के घरों तक पहुंचा सके. 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान वोहरा और पलीचा ने ज़ेप्टो को एक ऑनलाइन डिलिवरी सर्विस के रूप में लॉन्च किया था.

6.एक महीने के अंदर कंपनी ने कमाए 20 करोड़ डॉलर

एक महीने के अंदर कंपनी ने कमाए 20 करोड़ डॉलर
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उन्होंने मुंबई में 1,000 कर्मचारियों और डिलीवरी एजेंटों के साथ शुरुआत की और महामारी के दौरान ऑनलाइन डिलीवरी की बढ़ती मांग से काफी फायदा उठाया. महामारी के कारण लोगों के घरों से बाहर न निकलने के कारण ज़ेप्टो ने तेज़ी से लोकप्रियता हासिल की. सिर्फ़ एक महीने के अंदर कंपनी ने 20 करोड़ डॉलर कमाए.

7.भारत की सबसे तेज़ी से बढ़ती ई-किराना कंपनी है जेप्टो

भारत की सबसे तेज़ी से बढ़ती ई-किराना कंपनी है जेप्टो
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वोहरा ने 19 साल की उम्र में हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2022 में अपनी शुरुआत की और तब से हर साल इस सूची में शामिल होते रहे हैं. ज़ेप्टो की लिंक्डइन प्रोफ़ाइल में कंपनी को भारत की सबसे तेज़ी से बढ़ती ई-किराना कंपनी बताया गया है. 

8.क्या है जेप्टो?

क्या है जेप्टो?
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अब बेंगलुरु में मुख्यालय वाली ज़ेप्टो देश के 10 प्रमुख शहरों में मौजूद है. यह 1000 से ज़्यादा कर्मचारियों को रोज़गार देती है और ताज़े फल और सब्ज़ियां, रोज़ाना खाना पकाने की ज़रूरी चीज़ें, डेयरी, स्वास्थ्य और स्वच्छता उत्पाद आदि सहित 5000 से ज़्यादा प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराती है.

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