एजुकेशन
Jaya Pandey | Jul 17, 2025, 10:30 AM IST
1.कौन हैं भिंड के डीएम संजीव श्रीवास्तव?

भिंड के कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को अपनी अलग कार्यशैली के लिए जाना जाता है. वह सिर्फ ऑफिस में बैठकर आदेश ही जारी नहीं करते बल्कि फील्ड में उतरकर कार्रवाई भी करते हैं. हालांकि इस वजह से वह कई बार विवादों में भी फंस जाते हैं. फिलहाल वह परीक्षा के दौरान एक स्टूडेंट को थप्पड़ मारकर सुर्खियों में हैं जिसपर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. आज हम आपको उनकी पढ़ाई लिखाई और उनके करियर के बारे में बताने वाले हैं.
2.2011 में राज्य सिविल सेवा से प्रमोट होकर IAS बने संजीव

संजीव श्रीवास्तव का जन्म 27 जून 1968 को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में हुआ था. एक चुनौतीपूर्ण सफर के बाद उन्होंने सरकारी अधिकारी बनने का अपना सपना साकार किया. 2011 में उन्हें राज्य सिविल सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नत किया गया. भिंड में अपनी नियुक्ति से पहले उन्होंने उमरिया जिले के कलेक्टर के रूप में काम किया. उन्होंने बैतूल, छतरपुर, रायसेन और भोपाल में कई प्रशासनिक पदों पर भी काम किया है.
3.कितने पढ़े-लिखे हैं आईएएस संजीव श्रीवास्तव?

संजीव श्रीवास्तव काफी पढ़े-लिखे हैं. उन्होंने बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग के बाद मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी एमबीए भी किया है. इसके अलावा उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन यानी पीजीडीसीए भी किया. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी. सबसे पहले वह मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा क्रैक कर राज्य सिविल सेवा के लिए चयनित हुए और फिर पदोन्नति के माध्यम से 2011 बैच में आईएएस में शामिल हुए.
4.विवादों से रहा है संजीव श्रीवास्तव का गहरा नाता

आईएएस संजीव श्रीवास्तव वर्तमान में मध्य प्रदेश के भिंड जिले के कलेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब वह विवादों में फंसे हों. फरवरी 2025 में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर पीठ ने लोक निर्माण विभाग से जुड़े एक मामले में उनके आचरण पर चिंता जाहिर की थी. कोर्ट ने टिप्पणी की कि मुख्य सचिव को इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या ऐसे अधिकारी को फील्ड ड्यूटी पर बने रहना चाहिए.
5.तहसीलदार ने लगाया था मानसिक प्रताड़ना का आरोप

इसके अलावा एक अलग मामले में तहसीलदार माला शर्मा ने डीएम संजीव श्रीवास्तव और एसडीएम पराग जैन पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा था. उन्होंने लिखा कि अगर मुझे कुछ होता है तो संजीव श्रीवास्तव और पराग जैन को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.