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KBC में दिखाया था ज्ञान का दम और फिर UPSC क्रैक कर बने अधिकारी, जानें छोटे से गांव के विकास सिंह पंवार की सक्सेस स्टोरी

आज हम आपको हिमाचल के छोटे से गांव के विकास सिंह पंवार की कहानी बताएंगे जिन्होंने यूपीएससी में पहले प्रयास में 159वीं रैंक लाकर इतिहास रचा. कौन बनेगा करोड़पति शो में उनके नॉलेज से बिग बी भी हैरान रह गए थे, जानें विकास सिंह पंवार की सक्सेस स्टोरी...

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KBC में दिखाया था ज्ञान का दम और फिर UPSC क्रैक कर बने अधिकारी, जानें छोटे से गांव के विकास सिंह पंवार की सक्सेस स्टोरी

विकास सिंह पंवार की सफलता की कहानी. (Image Credit: Social Media)

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हिमालय के पहाड़ों में बसे एक छोटे से गांव के विकास सिंह पंवार ने 22 की उम्र में 2 ऐसी शानदार उपलब्धियां हासिल कर ली थीं, जिन्हें वे कभी बेहद मुश्किल मानते थे. उन्होंने अपने पहले प्रयास में यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में 159वीं रैंक हासिल कर ली थी और इसी परीक्षा की तैयारी के दौरान ही वह कौन बनेगा करोड़पति 17 में दिखाई दिए थे और वहां उन्होंने 50 लाख रुपये जीते थे. 

हायर स्टडीज के लिए दिल्ली पहुंचे और यहीं से की यूपीएससी की तैयारी

विकास शिमला के कुपवी के जुब्बली गांव से आते हैं. हायर स्टडीज उन्हें पहाड़ों से दिल्ली ले आई और दिल्ली से ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी शुरू कर दी. उनकी स्कूलिंग DAV न्यू शिमला स्कूल से हुई  और फिर उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से अपनी आगे की पढ़ाई की. यहां से उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में बीए ऑनर्स किया. ग्रेजुएशन में अपने पढ़े हुए विषय को ही उन्होंने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा का ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाया. उनके एकेडमिक रिकॉर्ड में यूजीसी नेट एग्जाम को क्वॉलिफाई करना भी शामिल हैं. उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स करते वक्त यूजीसी नेट परीक्षा को पास किया था. 

100 परसेंट स्कॉलरशिप के साथ तैयारी में आर्थिक बोझ हुआ कम

उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी शिक्षा और सार्वजनिक सेवा से जुड़ी हुई है. उनके पिता छतेर सिंह एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल हैं. उनसे ही विकास को  शिक्षा और सार्वजनिक सेवा का अनुभव मिला. दिल्ली जैसे शहर में रहकर पढ़ाई करना आर्थिक रूप से भी परिवारों पर बड़ा बोझ डालता है लेकिन होनहार विकास ने स्कॉलरशिप के जरिए अपनी तैयारी का खर्च भी कम करवा दिया. 

उन्हें नेक्स्ट आईएएस नेशनल स्कॉलरशिप टेस्ट के लिए 100 फीसदी स्कॉलरशिप मिली और यहां उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की. उनके प्रोफाइल में मौजूद जानकारी के मुताबिक, उन्होंने यहां से जीएस फाउंडेशन और करेंट अफेयर्स की तैयारी की थी. उनकी लगन और मेहनत भी पहले ही प्रयास में दिखाई दी और उन्होंने बढ़िया रैंक के साथ यूपीएससी की कठिन मानी जाने वाली परीक्षा को पास कर लिया. 

कौन बनेगा करोड़पति शो में जीते थे 50 लाख रुपये

अपनी यूपीएससी की तैयारी के दौरान ही वह अमिताभ बच्चन के शो कौन बनेगा करोड़पति में नवंबर 2025 में नजर आए. इस क्विज शो में उनकी परफॉर्मेंस उन्हें नेशनल लाइमलाइट में ले आई. 1 करोड़ के सवाल पर पहुंचने पर उन्होंने रिस्क लेकर पहले से जीते पैसे गंवाने की जगह 50 लाख रुपयों के साथ यह शो छोड़ना चुना. 

इस शो में इंट्रस्टिंग ट्विस्ट तब आया, जब उनसे एक करोड़ रुपये के सवाल को गेस करने के लिए कहा गया. उन्होंने उस सवाल का सही जवाब दे दिया लेकिन वह पहले ही शो को छोड़ने का फैसला कर चुके थे. इस एपिसोड ने यूपीएससी का रिजल्ट जारी होने से पहले ही उनकी तैयारी और उनके ज्ञान पर मुहर लगाई और उनके रिकॉर्ड्स में एक और उपलब्धि जुड़ गई. 

क्या सिखाती है विकास सिंह पंवार की कहानी?

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में विकास को 2025 में से 988 नंबर मिले. उन्हें लिखित परीक्षा में 787 नंबर और इंटरव्यू में 201 नंबर मिले थे. उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 159वीं रैंक हासिल कर ली थी. दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित कॉलेज में पढ़ाई से लेकर यूजीसी नेट क्वॉलिफाई करने और टीवी पर 50 लाख रुपये जीतने के बाद यूपीएससी क्रैक कर अधिकारी बनने तक का उनका सफर बेहद खास है. 

उनकी कहानी हमें सिखाती है कि ज्ञान कभी बेकार नहीं जाता. आपने जो पढ़ाई की है वह हर जगह काम आता है. साथ ही इससे हम यह भी सीख सकते हैं कि अगर हायर एजुकेशन, स्कॉलरशिप और तैयारी का सही रास्ता मिल जाए तो छोटे गांव से आने वाला लड़का भी राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे उम्मीदवारों को पीछे छोड़ सकता है.  

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