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एडटेक यूनिकॉर्न फिजिक्सवाला दृष्टि IAS को खरीदने की प्लानिंग कर रहा है. जानें इस डील से जुड़ी सारी डिटेल्स...
एडटेक यूनिकॉर्न फिजिक्सवाला डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की सिविल सेवाओं की कोचिंग कराने वाले इंस्टीट्यूट दृष्टि IAS को खरीदने की प्लानिंग कर रहा है. अब इंजीनियरिंग और मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी करवाने वाले फिजिक्सवाला सिविल सेवा और राज्य आयोग की परीक्षा की तैयारी के फील्ड में भी उतरना चाहता है. अगर यह अधिग्रहण फाइनल होता है तो यह हाल के वर्षों में एडटेक फील्ड का सबसे बड़ा अधिग्रहण होगा.
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एनट्रैकर की रिपोर्ट के मुताबिक इस सौदे की कीमत 2,500-3,000 करोड़ रुपये के बीच है और जनवरी 2025 से इस पर बातचीत चल रही है. इस अधिग्रहण के लिए पेमेंट किश्तों में की जाएगी जो भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा. इसके अलावा फिजिक्सवाला अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रहा है. आईपीओ के जरिए कंपनी का लक्ष्य 500 मिलियन डॉलर जुटाना है और इसके लिए कंपनी ने 3 स्वतंत्र निवेशकों की नियुक्ति भी की है.
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हालांकि दृष्टि आईएएस के सीईओ विवेक तिवारी ने अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के किसी समझौते को फाइनल नहीं किया गया है. उन्होंने इसे महज अफवाह बताया और ऐसी किसी बातचीत का खंडन किया और कहा कि ऐसी किसी बात को गंभीरता ने नहीं लिया जाना चाहिए. बता दें दृष्टि आईएएस का मुखर्जी नगर ब्रांच इसके रेवेन्यू में 58% का योगदान देता है. इसके बाद प्रयागराज, जयपुर और करोल बाग के सेंटर का नंबर आता है. वित्त वर्ष 24 में दृष्टि आईएएस ने 405 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और टैक्स के बाद 90 करोड़ रुपये का फायदा दर्ज किया था.
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वहीं अलख पांडे का नौ साल पहले स्थापित किया गया फिजिक्सवाला भी एक बेस्ट एडटेक प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हुआ है. यह लाइव और रिकॉर्डेड लेक्चर, टेस्ट सीरीज, स्टडी मैटेरियल और हाइब्रिड कोचिंग सेंटर मुहैया करवाता है. कंपनी ने पिछले साल सीरीज बी फंडिंग राउंड में 2.8 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर 210 मिलियन डॉलर जुटाए थे. वित्त वर्ष 2024 में इसका राजस्व वित्त वर्ष 2023 में ₹744.3 करोड़ से बढ़कर 1,940.4 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि पिछले साल के 84 करोड़ रुपये से वित्त वर्ष 2024 में घाटा काफी बढ़कर 1,131 करोड़ रुपये हो गया.
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