Advertisement

कौन हैं यशस्वी सोलंकी जो बनीं राष्ट्रपति की पहली महिला ADC? दिल्ली के इस कॉलेज से की है पढ़ाई, यूं रहा Indian Navy का सफर

इंडियन नेवी की अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी राष्ट्रपति की पहली महिला ADC नियुक्त किया गया है, जानें छोटे कस्बे की इस लड़की ने कैसे हासिल किया यह मुकाम...

Latest News
कौन हैं यशस्वी सोलंकी जो बनीं राष्ट्रपति की पहली महिला ADC? दिल्ली के इस कॉलेज से की है पढ़ाई, यूं रहा Indian Navy का सफर

President ADC Yashasvi Solanki

Add DNA as a Preferred Source

लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी राष्ट्रपति की पहली महिला ADC (एड-डी-कैंप) बन गई हैं. यह पहली बार है कि इंडियन नेवी से किसी महिला अधिकारी को इस पद पर नियुक्त किया गया है. भारत की राष्ट्रपति सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर भी हैं. आज हम आपको बताएंगे कि यशस्वी सोलंकी कौन हैं, उन्होंने कहां से पढ़ाई लिखाई की है और इंडियन नेवी का उनका सफर कैसा रहा है. 

यशस्वी सोलंकी हरियाणा के चरखी दादरी से ताल्लुक रखती है. उनके पिता सरकारी स्कूल के टीचर हैं जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. बचपन से ही सेना की वर्दी पहनने का सपना देखने वाली यशस्वी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से पढ़ाई की है. साल 2012 में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत इंडियन नेवी की लॉजिस्टिक्स ब्रांच जॉइन की थी. 

यह भी पढ़ें- वो लड़की जिसने 4 बार क्रैक की UPSC, 31वीं रैंक लाकर IAS बनने से किया इनकार

एडीसी की भूमिका क्या है? 

राष्ट्रपति के ADC की भूमिका बहुत अहम है क्योंकि इस पद पर नियुक्त व्यक्ति को राष्ट्रपति और प्रतिष्ठान के कई अंगों के बीच समन्वय और संचार की सुविधा प्रदान करनी होती है जिससे आधिकारिक औपचारिकताएं, बैठकें, कार्य और प्रोटोकॉल सुचारू रूप से चलते हैं. एडीसी के औपचारिक कर्तव्यों में राष्ट्रपति की सहायता करना और हाई लेवल प्रोग्राम का समन्वय करना भी शामिल है. यशस्वी की नियुक्ति देश की सैन्य प्रगति में एक बड़ी उपलब्धि का प्रतीक है और रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान का एक अहम उदाहरण है.

यह भी पढ़ें- इस स्कूल के मालिक हैं बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख! पिता विलासराव देशमुख ने रखी थी नींव, जानें फीस

कैसे होती है राष्ट्रपति के एडीसी की नियुक्ति?

राष्ट्रपति के पास आधिकारिक तौर पर पांच ADC होते हैं जिनका चयन तीनों सशस्त्र बलों से किया जाता है. इनमें से तीन सेना से, एक नौसेना और एक वायु सेना से होते हैं. हालांकि राष्ट्रपति को इन सशस्त्र बलों में से अपनी इच्छानुसार अधिकारियों को चुनने का अधिकार है. यशस्वी सोलंकी की नियुक्ति उन महिलाओं की लंबी सूची में एक और नाम है जिन्होंने भारत की सुरक्षा में प्रमुख सैन्य भूमिकाएं निभाई हैं. 

इससे पहले भी भारतीय सशस्त्र बलों की दूसरी महिला अधिकारी भी अहम पदों पर नियुक्त हो चुकी हैं. जैसे पुनीता अरोड़ा भारतीय सेना में पहली भारतीय महिला लेफ्टिनेंट जनरल रही हैं. इसके अलावा पद्मावती बंदोपाध्याय को भारत की पहली महिला एयर मार्शल बनने का गौरव हासिल है.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement