एजुकेशन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक भारतीय किशोर की वॉइट हाउस में ली गई तस्वीर आजकल खूब सुर्खियों में है, जानें कौन है अगस्त्य गोयल और अपनी किस काबिलियत से उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को किया इंप्रेस...
फ्रांस के पेरिस में आयोजित इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड 2025 में अमेरिका की टीम ने 5 गोल्ड मेडल जीते. इस टीम में अगस्त्य गोयल, एलन ली, जोशुआ वांग, फियोडोर येवतुशेंको और ब्रायन झांग शामिल थे. इस जीत के बाद उन्हें वॉइट हाउस बुलाया गया और उनकी खूब आवभगत की गई. साथ ही पांचों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ तस्वीरें खिंचवाने का भी मौका मिला.
ट्रंप के सहयोगी माइकल क्रैट्सियोस ने एक्स पर पांचों सदस्यों की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'आज राष्ट्रपति और वॉइट हाउस को 2025 की वर्ल्ड चैंपियन अमेरिकी फिजिक्स टीम का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है. इन प्रतिभाओं में जुलाई में हुए इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में अपना दबदबा बनाया और रिकॉर्ड 5 गोल्ड मेडल जीते जो टीम के इतिहास का सबसे बड़ा प्रदर्शन है. '
Today @POTUS & @WHOSTP47 were proud to welcome the 2025 World Champion USA Physics Team to the @WhiteHouse!
— Director Michael Kratsios (@mkratsios47) September 22, 2025
These incredible geniuses DOMINATED at the International Physics Olympiad in July, bringing home a record FIVE gold medals — the greatest performance in team history. 🇺🇸💪 pic.twitter.com/ZmsNRHcz95
अगस्त्य गोयल कौन हैं?
अगस्त्य गोयल स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आशीष गोयल के बेटे हैं जिन्होंने कैलिफोर्निया के पालो ऑल्टो स्थित हेनरी एम. गन हाई स्कूल में जूनियर स्टूडेंट के तौर पर पढ़ाई की है. अगस्त्य ने 2023 में इंटरनेशनल ओलंपियाड इन इन्फॉर्मेटिक्स में गोल्ड मेडल झटका था. एक साल के बाद उन्होंने इस स्पर्धा में दोबारा गोल्ड मेडल जीता और हाई स्कूल के स्टूडेंट्स के लिए सबसे कठिन प्रोग्रामिंग कॉम्पिटीशन में से एक में चौथा स्थान हासिल किया. मिस्र में आयोजित 2024 के संस्करण में उन्होंने 600 में से 438.97 अंक हासिल किए जबकि चीन के कांगयांग झोउ ने 600 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया.
अगस्त्य गोयल की पारिवारिक पृष्ठभूमि
अगस्त्य के पिता आशीष गोयल उत्तर प्रदेश में जन्मे थे, उन्होंने आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की और बाद में स्टैनफोर्ड से पीएचडी की. अब वे स्टैनफोर्ड में मैनेजमेंट साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं. उनके रिसर्च वर्क में कंप्यूटर नेटवर्क, कम्प्यूटेशनल सोशल साइंस, एल्गोरिथम गेम थ्योरी आदि शामिल है. उन्होंने ट्विटर के शुरुआती दिनों में भी काम किया और इसके मोनेटाइजेशन मॉडल को डिज़ाइन करने में मदद की.
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