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अविका अग्रवाल 5वीं रैंक के साथ नीट 2025 में लड़कियों में टॉपर बनी हैं. आज हम आपको बताएंगे कि अविका अग्रवाल कौन हैं. उन्होंने कहां से पढ़ाई-लिखाई की है और नीट के लिए उनकी स्ट्रैटजी क्या रही है...
NTA ने शनिवार को NEET UG 2025 परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए. इस साल मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 20 लाख से ज़्यादा उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था. अविका अग्रवाल 5वीं रैंक के साथ लड़कियों में टॉपर बनी हैं. इसके अलावा वह टॉप 10 में शामिल होने वाली इकलौती लड़की भी हैं. आज हम आपको बताएंगे कि अविका अग्रवाल कौन हैं. उन्होंने कहां से पढ़ाई-लिखाई की है और नीट के लिए उनकी स्ट्रैटजी क्या रही है.
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अविका के मम्मी-पापा दोनों ही डॉक्टर हैं और उन्हें अपने पैरेंट्स से ही मेडिकल में करियर बनाने की भी प्रेरणा मिली है. अविका न सिर्फ नीट की टॉपर हैं बल्कि उनका एकेडमिक रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली है. उन्हें सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 96.8 प्रतिशत मार्क्स मिले हैं और उन्हें अपने फेवरेट सब्जेक्ट में 100 में से 97 मार्क्स मिले हैं. अविका ने फरीदाबाद के आकाश इंस्टीट्यूट से नीट की कोचिंग ली है.
अविका ने अपनी तैयारी में फिजिक्स के टीचर का अहम योगदान बताया. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि मेरे फिजिक्स टीचर ने मुझे कभी नहीं डांटा बल्कि मुझे हमेशा बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया. इसके अलावा उन्होंने अपने पिता को भी अपनी सफलता का श्रेय दिया जो उन्हें याद रखने में मदद के लिए शॉर्ट नोट्स तैयार करते थे.
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हालांकि ऐसा नहीं है कि अविका को तैयारी के दौरान दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा. अविका को बायोलॉजी में काफी समस्याएं आईं क्योंकि इस सब्जेक्ट में ज्यादा याद रखने की जरूरत होती है. इस दिक्कत से निपटने के लिए उन्होंने छोटे-छोटे अंतराल पर बायोलॉजी की पढ़ाई करने की स्ट्रैटेजी बनाई और याद रखने के लिए उन्होंने mnemonics और स्टोरी टेक्निक का इस्तेमाल किया.
अविका ने पढ़ाई के साथ-साथ अपने मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखा. उन्होंने नेटफ्लिक्स देखने, टेबल टेनिस और बैडमिंटन जैसे खेल खेले, डांस किया और परिवार के साथ भी काफी समय बिताया जिससे उन्हें बर्नआउट से बचने में मदद मिली. इस सभी चीजों को उन्होंने ब्रेक के तौर पर इस्तेमाल किया जिससे उन्हें अपने दिमाग को तरोताजा रखने और तनाव को दूर रखने में काफी सहायता मिली.
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नीट टॉपर ने NEET की तैयारी कर रहे जूनियर्स को सलाह दी कि वे अपने परिवार और शिक्षकों के साथ खुला संवाद बनाए रखें क्योंकि तैयारी के दौरान अकेलापन और खुद पर संदेह हानिकारक साबित हो सकता है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि केवल NCERT की किताबों पर निर्भर न रहें, बल्कि सवालों के स्तर को बेहतर तरीके से समझने के लिए कोचिंग और दूसरे रिफरेंस बुक्स के साथ पढ़ाई को पूरक बनाएं. इससे आपको सफलता हासिल करने से कोई रोक नहीं पाएगा.
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