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कौन हैं महाकुंभ 2025 की जिम्मेदारी संभाल रहे DM? CA की पढ़ाई कर यूं बने IAS अधिकारी

जानें कौन हैं आईएएस विजय किरण आनंद जो संभाल रहे हैं महाकुंभ मेले की जिम्मेदारी, चार्टेड अकाउंटेंट की पढ़ाई करने के बाद यूपीएससी क्रैक करने की कहानी

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कौन हैं महाकुंभ 2025 की जिम्मेदारी संभाल रहे DM? CA की पढ़ाई कर यूं बने IAS अधिकारी

Vijay Kiran Anand IAS

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प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के घाटों पर महाकुंभ 2025 का मेला चल रहा है. लाखों श्रद्धालु इस सबसे बड़े धार्मिक समागम में हिस्सा ले रहे हैं. 13 जनवरी से शुरू हुआ यह आयोजन अगले 42 दिनों तक चलेगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस साल महाकुंभ के लिए किए गए सभी इंतजामों के पीछे कौन है? इस भव्य आयोजन को संभालने की जिम्मेदारी आईएएस अधिकारी विजय किरण आनंद के पास है.   

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कुंभ मेला 2025 में शामिल होने वालो लोगों के हुजूम का प्रबंधन करने के लिए उत्तर प्रदेश ने महाकुंभ मेला जिला नाम का एक अस्थायी जिला स्थापित किया है. यह जिला 1 दिसंबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक प्रभावी रहेगा. इस जिले में चार तहसीलों के 67 गांव शामिल हैं और इसका प्रशासन आईएएस अधिकारी विजय किरण आनंद चला रहे हैं जिन्हें यहां का जिला मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है.

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कौन हैं विजय किरण आनंद
विजय किरण आनंद ने साल 2008 में यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा क्रैक की थी. वह 2009 बैच के यूपी कैडर के IAS अधिकारी हैं. उनका जन्म बेंगलुरु में हुआ था और वे एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं. वे शुरुआत में उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एसडीएम के पद पर तैनात थे. वहां दो साल तक सेवा देने के बाद उन्हें बाराबंकी जिले में भेजा गया जहां उन्हें मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात किया गया.

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अब तक किन पदों पर रहे तैनात
विजय किरण आनंद यूपी के मैनपुरी, उन्नाव, फिरोजाबाद, वाराणसी और शाहजहांपुर में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रहे हैं. उन्हें माघ और कुंभ मेले की जिम्मेदारी दी गई थी. 2017 में उन्हें माघ मेला और 2019 में अर्ध कुंभ मेला का अधिकारी बनाया गया था. उन्होंने पंचायती राज, सिंचाई और बेसिक शिक्षा जैसे विभागों में भी अपनी सेवाएं दी.  लेकिन इस साल उन्हें अपने करियर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्हें महाकुंभ 2025 के लिए मुख्य अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है.

मेला अधिकारी की भूमिका उनके विशाल अनुभव का परिणाम है. उनके अनुभव के दौरान एक उपलब्धि यह भी रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सिविल सेवा दिवस पर प्रधानमंत्री पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया और पीएम ने उन्हें स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया था. 

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