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भारतीय-अमेरिकी स्टूडेंट मेघा वेमुरी को एमआईटी ग्रेजुएशन सेरेमनी में भाग लेने से रोक दिया गया है, जानें उन्होंने ऐसा कौन सा भाषण दिया था जिसकी उन्हें ऐसी सजा मिली है...
भारतीय-अमेरिकी स्टूडेंट मेघा वेमुरी को मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) की ग्रेजुएशन सेरेमनी में हिस्सा लेने से रोक दिया गया है. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने 29 मई को एक दीक्षांत समारोह के दौरान फिलिस्तीन के समर्थन में भाषण दिया था. दिलचस्प बात यह है कि उन्हें ग्रेजुएशन सेरेमनी में मार्शल नियुक्त किया गया था लेकिन अब यूनिवर्सिटी ने उन्हें और उनके परिवार को इस प्रोग्राम में भाग लेने से रोक दिया है.
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जॉर्जिया के अल्फारेटा में जन्मी और पली-बढ़ी मेघा वेमुरी ने 2021 में अल्फारेटा हाई स्कूल से ग्रेजुएशन की उपाधि हासिल की. उन्होंने एमआईटी में क्लास प्रेसिडेंट के रूप में कंप्यूटर साइंस, न्यूरो साइंस और लिंग्विस्टिक्स की अपनी डिग्री पूरी की. एमआई में वेमुरी रिटेन रिवोल्यूशन का भी हिस्सा थीं. रिटेन रिवोल्यूशन एक ऐसा स्टूडेंट ग्रुप है जो लेखन और कला के माध्यम से कैंपस में क्रांतिकारी विचारों को मंच देता है.
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एमआईटी में दाखिला लेने से पहले उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन यूनिवर्सिटी के न्यूरोसाइंस इंस्टीट्यूट में इंटर्नशिप की और कई युवा नेतृत्व और साइंस आउटरीच प्रोग्राम्स में भाग लिया. वेमुरी का ONEMIT भाषण सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया जिसकी काफी आलोचना हुई. इसके बाद उन्होंने अपना लिंक्डइन प्रोफ़ाइल हटा लिया.
MIT कैंपस में एक कार्यक्रम के दौरान मेघा वेमुरी लाल केफ़ियेह पहनकर मंच पर आई थीं, जो फ़िलिस्तीनी मुद्दे के साथ एकजुटता का प्रतीक है. अपने भाषण में उन्होंने एमआईटी के इज़राइल के साथ शोध संबंधों और गाजा में चल रहे संघर्ष की तीखी आलोचना की. उन्होंने कहा, 'इज़राइली कब्ज़ाकारी सेना एकमात्र विदेशी सेना है जिसके साथ एमआईटी का शोध संबंध है. इसका मतलब यह है कि फिलिस्तीनी लोगों पर इज़रायल के हमले को न केवल हमारा देश बल्कि हमारे स्कूल से भी सहायता और प्रोत्साहन दिया जा रहा है. उन्होंने अपने कॉलेज के साथियों से एक कदम आगे आने का आह्वान किया और कहा, 'हम देख रहे हैं कि इजरायल, फिलिस्तीन को धरती से मिटाने की कोशिश कर रहा है और यह शर्म की बात है कि एमआईटी इसका एक हिस्सा है.'
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मेघा वेमुरी ने कहा, 'वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, शिक्षाविदों और नेताओं के रूप में हम जीवन का समर्थन करने, सहायता प्रयासों का समर्थन करने और हथियार प्रतिबंध की मांग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और पूर्व छात्रों के रूप में हम मांग करते रहते हैं कि एमआईटी ऐसे संबंध तोड़ दे.' वेमुरी ने उन छात्रों की भी प्रशंसा की जिन्होंने विरोध के बावजूद फिलिस्तीनी अधिकारों का समर्थन किया.
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