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कौन हैं IAS सर्जना यादव के अफसर पति? LBSNAA में नजरें टकराईं और हुआ प्यार, बेहद क्यूट है दोनों की लव स्टोरी

आईएएस सर्जना ब्यूटी विद ब्रेन का जीता-जागता उदाहरण है. जानें उनके पति कौन हैं और उनकी उपलब्धियां क्या रही हैं...

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कौन हैं IAS सर्जना यादव के अफसर पति? LBSNAA में नजरें टकराईं और हुआ प्यार, बेहद क्यूट है दोनों की लव स्टोरी

IAS Sarjana Yadav With Husband

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सर्जना यादव मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने यूपीएससी 2019 की सिविल सेवा परीक्षा 126वीं रैंक के साथ पास की थी. सर्जना ब्यूटी विद ब्रेन का जीता-जागता उदाहरण है. उन्होंने 2020 के आईएएस हिमांशु जैन के साथ शादी रचाई है. दोनों की लव स्टोरी बेहद ही दिलचस्प है. इस प्यारे से कपल की मुलाकात मसूरी में आईएएस की ट्रेनिंग के दौरान LBSNAA में हुई थी. पहले दोनों में दोस्ती हुई और फिर प्यार होते हुए यह रिश्ता शादी तक पहुंचा.

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मार्च 2022 में आईएएस सर्जना यादव ने आईएएस हिमांशु जैन के साथ सगाई की और कुछ महीनों बाद शादी के बंधन में बंध गईं. जितनी खास आईएएस हिमांशु जैन की लव स्टोरी है, उतनी ही खास उनके सफलता की कहानी भी है. आज हम आपको उनकी पढ़ाई लिखाई और उनके यूपीएससी के सफर के बारे में आपको बताएंगे.

10वीं-12वीं में मिले थे बढ़िया मार्क्स

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2019 में हिमांशु जैन 4वीं रैंक लाकर आईएएस अधिकारी बने थे. वह दिल्ली के रहने वाले हैं, जहां उनके पिता की एक दुकान है. उनकी मां गृहिणी हैं. उनका परिवार मूल रूप से हरियाणा के पलवल जिले का रहने वाला है. जब हिमांशु लगभग 13 साल के थे तब उनका परिवार दिल्ली आ गया था. हिमांशु जैन ने दिल्ली के लवली पब्लिक स्कूल से दसवीं में 10 सीजीपीए और बारहवीं में 96.4% अंक हासिल कर अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने डीयू के हंसराज कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स की पढ़ाई की.

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11वीं में ही ले लिया था आईएएस बनने का फैसला

ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आईएएस परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया. उनके दादा का भी सपना था कि वह सिविल सेवक बनें. 11वीं क्लास में ही उन्होंने यह फैसला ले लिया था कि वह सिविल सेवक बनेंगे. ग्रेजुएशन तक वह अपने सपने पर कायम रहे और फिर पूरे उत्साह के साथ अपने सपनों का पीछा किया. साल 2018 में उन्होंने अपना यूपीएससी की पहला अटेम्प्ट दिया लेकिन वह प्रीलिम्स परीक्षा भी नहीं पास कर पाए. लेकिन दूसरी बार उन्होंने वह गलती नहीं दोहराई और 2019 में वह चौथे रैंक के साथ यूपीएससी टॉपर बने. आज उनकी सफलता लाखों उम्मीदवारों को प्रेरित कर रही है.

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