एजुकेशन
जानें कौन हैं इंडियन एयरफोर्स की स्कॉर्डन लीडर शिवांगी सिंह जिसके पकड़े जाने की पाकिस्तान फैला रहा था फर्जी खबर, जानें कहां से पढ़ी-लिखी हैं और कैसे भारतीय वायुसेना में हुई थी इनकी एंट्री...
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के साथ ही सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं की बाढ़ आ गई है. ऐसा ही एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था जिसमें दावा किया गया कि इंडियन एयरफोर्स की पायलट स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह को पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया है. हालांकि भारत सरकार की फैक्ट चेकिंग एजेंसी PIB ने इन दावों को फेक बताते हुए खारिज कर दिया.
उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने वाली भारत की पहली महिला हैं. बचपन से ही शिवांगी को विमानों में काफी दिलचस्पी थी. एक बार नई दिल्ली के वायु सेना संग्रहालय में जाकर वह लड़ाकू विमानों को देखकर अचंभित रह गईं और उसी क्षण फैसला लिया कि वह एक दिन जरूर पायलट बनेंगी और ऐसे ही विमानों को उड़ाएंगी.
शिवांगी ने बीएचयू में अपने कॉलेज के दिनों से ही अपने बचपन के सपने को पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी. वह एनसीसी एयर विंग में शामिल हुईं जहां उड़ान के प्रति उनका प्यार और भी मजबूत हो गया. इसके बाद अपने बढ़िया ग्रेड, समर्पण और दृढ़ संकल्प के दम पर उनका सिलेक्शन हैदराबाद में इंडियन एयरफोर्स एकेडमी में हो गया जहां फाइटर पायलट बनने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की.
शिवांगी सिंह साल 2017 में इंडियन एयरफोर्स में शामिल हुईं और फाइटर पायलट के रूप में शामिल की गई महिलाओं के सेकेंड ग्रुप का हिस्सा बन गईं. जब भारतीय वायुसेना ने महिलाओं को लड़ाकू उड़ान पदों पर भर्ती करने में दो दशक से अधिक समय लगा दिया था, यह अपने आप में एक बड़ी सफलता थी. उन्होंने मिग-21, राफेज जैसे लड़ाकू विमान उड़ाए हैं. शिवांगी सिंह को राफेल विमान पर पहली महिला फाइटर पायलट के रूप में चुने जाने का गौरव हासिल है.
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