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डॉ. पोषण महापात्रा ने नीट पीजी में टॉप करके इतिहास रच दिया है. वह ओडिशा के कटक से ताल्लुक रखते हैं और वह SCB मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद इंटर्नशिप कर रहे थे, जानें उनकी तैयारी की स्ट्रैटजी...
ओडिशा के कटक के डॉ. पोषण महापात्रा ने नीट पीजी में टॉप करके इतिहास रच दिया है. उन्हें 800 में से 707 स्कोर हासिल हुए हैं. नीट पीजी का आयोजन नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंस NBEMS ने 3 अगस्त को किया था और इसका रिजल्ट 19 अगस्त को जारी किया गया. हाल ही में उन्होंने SCB मेडिकल से एमबीबीएस का कोर्स पूरा किया है.
24 साल के डॉ. पोषण महापात्रा ने 2024 में कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक उसी संस्थान में अपनी अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी की. अस्पताल में लंबी शिफ्ट और नीट पीजी की कड़ी तैयारी के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उनके दृढ़ संकल्प और समय प्रबंधन ने उन्हें सफलता दिलाई.
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डॉ. महापात्रा की NEET PG की तैयारी के लिए असली प्रेरणा मार्च 2025 में अपनी इंटर्नशिप पूरी करने के बाद शुरू हुई. स्थानीय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने अप्रैल से अगस्त तक पढ़ाई और मॉक टेस्ट पर प्रतिदिन 10-12 घंटे बिताए. उन्होंने कॉन्सेप्ट को दोहराया, ऑनलाइन वीडियो लेक्चर का इस्तेमाल किया और अपनी स्पीड को बढ़ाने और अपने प्रोग्रेस को चेक करने के लिए कई मॉक टेस्ट और क्वेश्चन बैंक से अभ्यास किया.
कोई खुद से टॉपर नहीं बनता बल्कि इसके पीछे प्रेरणा और अपनों से मिला सपोर्ट जिम्मेदार होता है. डॉ. महापात्रा के लिए उनका परिवार और खासतौर पर उनकी बड़ी बहन चेतना ने उन्हें खूब सपोर्ट किया. चेतना खुद एससीबी मेडिकल कॉलेज में ईएनटी में पीजी की पढ़ाई कर रही हैं.
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ओटीवी न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा, 'जब भी मैंने खुद को अटका हुआ महसूस किया तो मेरी बड़ी बहन ने मेरा मार्गदर्शन किया.' कटक में प्रिंटिंग और प्रकाशन का व्यवसाय चलाने वाले उनके माता-पिता भी उनके साथ मजबूती से खड़े रहे.
डॉ. पोषण महापात्रा के सफर का एक सबसे कठिन पहलू एमबीबीएस इंटर्नशिप के साथ-साथ नीट पीजी की तैयारी को मैनेज करना था. उन्होंने अस्पताल में ड्यूटी के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक का इस्तेमाल प्रैक्टिस के लिए किया और अपने बुनियादी कॉन्सेप्ट को मजबूत करने के लिए अपने क्लिनिकल अनुभव का भरपूर लाभ उठाया. ओटीवी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया, 'यह आसान नहीं था, लेकिन घंटों की संख्या से ज़्यादा निरंतरता मायने रखती है.'
नीट पीजी 2025 के टॉपर अब मेडिसिन या रेडियोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल करने की सोच रहे हैं. वह आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान अपनी पसंद तय करेंगे. उनकी इस उपलब्धि ने ओडिशा के चिकित्सा जगत को गौरवान्वित किया है और हजारों महत्वाकांक्षी डॉक्टरों को प्रेरित किया है.
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