एजुकेशन
जानें यूपीएससी 2024 में 5वीं रैंक लाने वाले आकाश गर्ग से कहां से पढ़ाई-लिखाई की है और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में उनकी क्या स्ट्रैटजी क्या रही...
अपने पहले प्रयास में यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा का प्रीलिम्स एग्जाम भी पास न कर पाने वाले आकाश गर्ग ने न सिर्फ 2024 में यह कठिन परीक्षा पास की बल्कि 5वीं रैंक भी लाए. 2022 में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने वाले आकाश तब से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने यूपीएससी मेंस एग्जाम के लिए समाजशास्त्र को चुना और करेंट अफेयर्स और नियमित न्यूज पेपर पढ़कर यह एग्जाम क्लियर किया.
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आकाश गर्ग का जन्म और पालन-पोषण दिल्ली में हुआ. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के रोहिणी में स्थित सीआरपीएफ पब्लिक स्कूल से की है. इसके बाद आकाश ने दिल्ली के ही गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस (सीएस) में बी.टेक की डिग्री हासिल की है. उनका कॉलेज महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी था. 2022 में उनका ग्रेजुएशन कंप्लीट हुआ. वह यूपीएससी की तैयारी के साथ उत्तराखंड में अपने पिता के टूरिज्म बिजनेस में उनकी मदद की.
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आकाश ने अपनी स्ट्रैटजी को लेकर एक वीडियो में बताया कि उन्होंने सीसेट 1 के साथ ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट दिए और आंसर राइटिंग पर फोकस रखा. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी मेन्स में अपने ऑप्शनल सब्जेक्ट को अच्छी तरह से कवर किया और फाइनल स्टेज के लिए सीए असेसमेंट किया. उन्होंने NCERT, एम लक्ष्मीकांत की इंडियन पॉलिटी, नितिन सिंघानिया की इंडियन इकोनॉमी, डीडी बसु की इंट्रोडक्शन टू द कॉन्सटिट्यूशन ऑफ इंडिया, माजिद हुसैन की ज्योग्राफी ऑफ इंडिया जैसी स्टैंडर्ड किताबों को पढ़ा.
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इन किताबों के अलावा वह रोजाना न्यूज पेपर और टेस्ट पेपर भी पढ़ते थे. वह रोजाना 6 से 8 घंटे पढ़ाई करते थे और सामान्य तरीके से दिन के काम करते हैं. इतना ही नहीं वह शाम को बिंज-वॉचिंग या अपने दोस्तों के साथ समय बिताते थे. अपनी तैयारी के आखिरी चरणों में अपने आंसर का सही स्ट्रक्चर समझने के लिए उन्होंने एआई का भी इस्तेमाल किया. हालांकि उन्हें इसके फैक्ट्स को कई बार क्रॉसचेक करना पड़ता था.
इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में उनका कौशल और ज्ञान उनके काम में कैसे मदद करेगा तो उन्होंने कहा कि इससे उन्हें डेटा आधारित निर्णय लेने, सिमुलेशन आदि जैसी प्रौद्योगिकी की उभरती भूमिका के बारे में एक प्रॉस्पेक्टिव देने में मदद मिलेगी. भविष्य के यूपीएससी उम्मीदवारों को उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि उम्मीदवारों को अपनी कमजोरियों को खोजने के लिए सवालों को सॉल्व करने और छोटी-छोटी गलतियों से बचना चाहिए और सीसेट को गंभीरता से लेना चाहिए.
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