एजुकेशन
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी के रूप में तैनाती के बाद देशभर में जबरदस्त चर्चा बटोरी थी. अब उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया है. जानें उनके एजुकेशन से लेकर अब तक के सैन्य करियर के बारे में सबकुछ...
मेजर ऋषभ सांब्याल भारतीय सेना और राष्ट्रपति भवन का एक बेहद चर्चित और जाना-माना चेहरा रहे हैं. भारतीय सेना की बेहद कठिन 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज के इस जांबाज अधिकारी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी के रूप में तैनात किए जाने के बाद देशभर में जबरदस्त पहचान मिली. 12 साल की शानदार सैन्य सेवा के बाद अब उनके प्री-मैच्योर रिटायरमेंट लेने के फैसले ने सोशल मीडिया पर खासी हलचल मचा दी है.
सेना का पद छोड़ने के बाद मेजर ऋषभ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए इस फैसले की वजह व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियां बताईं. हालांकि, उन्होंने उस सटीक वजह का खुलासा नहीं किया जिसने उन्हें इतना बड़ा फैसला लेने पर मजबूर किया. उन्होंने भावुक होते हुए शेयर किया कि भारतीय सेना की वर्दी पहनना उनके बचपन का सपना था और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे इतनी जल्दी अपनी इस पसंदीदा वर्दी से जुदा हो जाएंगे.
उन्होंने कहा कि जिंदगी में कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जो इंसान को बहुत कड़े फैसले लेने के लिए मजबूर कर देती हैं. इस कठिन मोड़ पर उन्हें अपने परिवार का पूरा समर्थन मिला है और वे अपने 12 साल के मिलिट्री करियर की उपलब्धियों से पूरी तरह संतुष्ट हैं.
राष्ट्रपति भवन में एडीसी के रूप में सेवा देने से पहले ही मेजर ऋषभ ने भारतीय सेना में अपनी एक मजबूत पहचान बना ली थी. वे मूल रूप से जाट रेजीमेंट से जुड़े थे और साल 2021 की गणतंत्र दिवस परेड में उन्होंने अपनी रेजीमेंट के मार्चिंग दस्ते का नेतृत्व किया था. उनके नेतृत्व में इस दस्ते ने सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता की प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती थी.
इसके बाद भारतीय सेना की एलीट 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में शामिल होना उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जहां उन्होंने 'बलिदान बैज' हासिल किया. राष्ट्रपति के एडीसी के रूप में अपनी तस्वीरों और वीडियो के जरिए वे इतने पॉपुलर हो गए कि सोशल मीडिया पर उन्हें नेशनल क्रश तक कहा जाने लगा.
मेजर ऋषभ सांब्याल की शुरुआती स्कूली शिक्षा पंजाब के प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल कपूरथला से हुई. 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी एनडीए परीक्षा की तैयारी शुरू की और साल 2013 में इसे पास कर लिया. फरवरी 2014 में एसएसबी इंटरव्यू क्रैक करने के बाद उन्होंने 133वें एनडीए कोर्स में दाखिला लिया और साल 2014 से 2017 के बीच नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला (पुणे) में अपनी तीन साल की ट्रेनिंग पूरी की.
इसके बाद साल 2017 से 2018 के दौरान उन्होंने इंडियन मिलिट्री एकेडमी, देहरादून से सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया और जून 2018 में भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट कमीशन हुए.
मेजर ऋषभ सांब्याल की सैलरी की जानकारी सार्वजनिक तौर पर मौजूद नहीं है, लेकिन भारतीय सेना के पे-स्ट्रक्चर के अनुसार मेजर उनकी सैलरी का अंदाजा लगाया जा सकता है. भारतीय सेना में मेजर की रैंक 7वें वेतन आयोग के पे लेवल 11 के अंतर्गत आती है. इसमें बेसिक पे 69,400 रुपये से लेकर 2,07,200 रुपये तक होता है. इसके अलावा सभी कमीशन अधिकारियों को 15,500 रुपये प्रति माह फिक्स्ड मिलिट्री सर्विस पे मिलता है.
पैरा स्पेशल फोर्सेज का हिस्सा होने के नाते उन्हें स्पेशल फोर्सेस अलाउंस, डीए और एडीसी ड्यूटी जैसे विशेष भत्ते भी मिलते थे. इस आधार पर अनुमान लगाया जाए तो उनकी कुल इन-हैंड सैलरी लगभग 1.30 लाख रुपये से 2 लाख रुपये प्रति माह के बीच रही होगी.