Advertisement

क्या होता है Product Management और कैसे 12वीं के बाद इसमें बनाएं करियर? समझें A to Z सबकुछ

अगर आप 12वीं पास हो गए हैं और आपको समझ नहीं आ रहा कि क्या करियर चुनें तो जानें प्रोजक्ट मैनेजर कैसे बन सकते हैं और भारत के मार्केट में इस करियर की कितनी डिमांड है...

Latest News
क्या होता है Product Management और कैसे 12वीं के बाद इसमें बनाएं करियर? समझें A to Z सबकुछ

सांकेतिक तस्वीर

Add DNA as a Preferred Source

प्रोडक्ट मैनेजर काफी स्किल्ड प्रोफेशनल होते हैं जो किसी प्रोजक्ट की सफलता के साथ-साथ कंपनी की सफलता के लिए भी जिम्मेदार माने जाते हैं. वे कंज्यूमर और कंपनी के बीच ब्रिज का काम करते हैं, मार्केट की एनालिसिस करते हैं और प्रोडक्ट को कंज्यूमर की जरूरत के हिसाब से मोडिफाई करवाने में मदद करते हैं.

प्रोडक्ट मैनेजर बनने के लिए कौन सी योग्यता है जरूरी?

प्रोडक्ट मैनेजर के रूप में करियर शुरू करने के लिए कुछ शैक्षिक योग्यताएं पूरी होनी चाहिए. उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कॉमर्स या बिजनेस से संबंधित विषयों में न्यूनतम 50 प्रतिशत या उससे अधिक अंकों के साथ 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है.

इसके बाद उन्हें प्रोडक्ट मैनेजमेंट या मैनेजमेंट में ग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट जैसे बिजनेस मैनेजमेंट में BBA, बिजनेस मैनेजमेंट में MBA या मार्केटिंग में MBA  कोर्स करना चाहिए. इसके अलावा आपके स्किल को और मांझने के लिए प्रोडक्ट मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स भी उपलब्ध हैं. शैक्षिक योग्यता के अलावा उम्मीदवारों में तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स दोनों ही होने चाहिए. प्रमुख दक्षताओं में एनालिटिक्स, प्रोडक्ट डेवलेपमेंट, मार्केट रिसर्च और प्रोजक्ट मैनेजमेंट शामिल है.

प्रोडक्ट मैनेजमेंट में करियर के स्तर

प्रोडक्ट मैनेजमेंट में प्रवेश स्तर से लेकर वरिष्ठ पदों तक विभिन्न प्रकार की नौकरियाँ शामिल हैं, जिन्हें उम्मीदवार अपने अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर अपना सकते हैं. प्रत्येक भूमिका विशिष्ट ज़िम्मेदारियों के साथ आती है. प्रोडक्ट मैनेजर के लिए कुछ प्रमुख नौकरी प्रोफ़ाइल इस प्रकार हैं:

एसोसिएट प्रोडक्ट मैनेजमेंट: इस प्रवेश-स्तर की भूमिका में कार्यों को प्राथमिकता देना और प्रोजक्ट के लिए फैसला लेना शामिल है.

सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर: प्रोडक्ट स्ट्रैटजी को आकार देने और लागू करने में मदद करने के लिए प्रोडक्ट लीडर्स के साथ सहयोग करता है और प्रोडक्ट टीम का नेतृत्व करता है.

प्रोडक्ट मैनेजर: प्रोडक्ट मैनेजर इनोवेटिव सुविधाओं को विकसित करने और प्रोडक्ट की मांग बढ़ाने के अवसरों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित करता है.

प्रोडक्ट डायरेक्टर: प्रोडक्ट डायरेक्टर का काम प्रोडक्ट की पहचान और प्रमुख क्षमताओं को अवधारणा से लेकर ग्राहक तक परिभाषित करने और संचालित करने का काम करता है.

भारत में प्रोडक्ट मैनेजर की मांग

भारत में कृषि से लेकर ऑटोमोबाइल तक विभिन्न क्षेत्रों में प्रोडक्ट मैनेजर की अत्यधिक मांग है. एजुकेशन टेक्नोलॉजी, फिनटेक सर्विसेज, हेल्थकेयर और डिजिटल मार्केटिंग फर्म जैसे उद्योगों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है. स्टार्ट-अप के उदय के साथ प्रोडक्ट मैनेजमेंट आज की दुनिया में बिजनेस स्ट्रैटजी का एक अहम घटक बन गया है. महामारी के दौरान भी भारत में प्रोडक्ट मैनेजर्स की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x,   इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement