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34 देशों में बगैर वीजा एंट्री, 90 दिन का स्टे और VVIP सुविधा... किस पासपोर्ट के सहारे रातोंरात फरार हो गए थे प्रज्वल रेवन्ना?

डिप्लोमेटिक पासपोर्ट सांसद, राजनयिक और हाई लेवल सरकारी अधिकारियों को ही जारी किया जाता है. जब प्रज्वल रेवन्ना को यह पासपोर्ट जारी किया गया था, तब वह सांसद थे, लेकिन यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद उनके लिए डिप्लोमेटिक पासपोर्ट की सुविधा रद्द कर दी गई.

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34 देशों में बगैर वीजा एंट्री, 90 दिन का स्टे और VVIP सुविधा... किस पासपोर्ट के सहारे रातोंरात फरार हो गए थे प्रज्वल रेवन्ना?

किन्हें मिलता है डिप्लोमेटिक पासपोर्ट? (Image Source: ANI/AI)

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  • डिप्लोमेटिक पासपोर्ट सांसद, मंत्री और आईएफएस जैसे हाई लेवल अधिकारियों को जारी किया जाता है
  • डिप्लोमेटिक पासपोर्ट 34 देशों में वीजा ऑन अराइवल की सुविधा देता है
  • पांच साल के लिए वैलिड रहता है डिप्लोमेटिक पासपोर्ट
  • डिप्लोमेटिक के अलावा नीला, सफेद और ऑरेंज पासपोर्ट भी भारत सरकार जारी करती है

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और कर्नाटक की हासन सीट से सांसद रहे प्रज्वल रेवन्ना एक बार फिर चर्चाओं में हैं. यौन शोषण के मामले में प्रज्वल रेवन्ना बेंगलुरु की सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं, जहां उनके पास से एंड्रॉयड फोन बरामद हुआ है. यह बात सामने आते ही प्रज्वल एक बार फिर चर्चाओं में आ गए. दो साल पहले 2024 में जब उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे, तब वह रातोंरात जर्मनी भाग गए थे, जिस पासपोर्ट के सहारे उन्हें विदेश में वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिली, उसे डिप्लोमेटिक पासपोर्ट कहते हैं.

क्या होता है डिप्लोमेटिक पासपोर्ट?

भारत सरकार चार तरह के पासपोर्ट जारी करती है. नीला, सफेद, ऑरेंज और मैरून पासपोर्ट. मैरून पासपोर्ट ही डिप्लोमेटिक पासपोर्ट होता है, जो काफी कम लोगों को ही जारी किया जाता है. यह सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट माना जाता है.

किन लोगों को जारी किया जाता है डिप्लोमेटिक पासपोर्ट?

डिप्लोमेटिक पासपोर्ट सांसद, राजनयिक और हाई लेवल सरकारी अधिकारियों को ही जारी किया जाता है. जब प्रज्वल रेवन्ना को यह पासपोर्ट जारी किया गया था, तब वह सांसद थे, लेकिन यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद उनके लिए डिप्लोमेटिक पासपोर्ट की सुविधा रद्द कर दी गई. डिप्लोमेटिक टाइप डी पासपोर्ट होता है, जो पांच कैटेगरी के लोगों को जारी किया जाता है-

  • सांसद, केंद्रीय मंत्री और राजनेता
  • सरकारी काम से विदेश यात्रा करने वाले सीनियर अधिकारी
  • आईएफएस के ए और बी कैटेगरी के तहत काम करने वाले अधिकारी
  • जॉइंट अधिकारी रैंक या उससे बड़े अधिकारी
  • विदेश मंत्रालय और आईएफएस अधिकारियों के इमिडिएट फैमिली मेंबर

डिप्लोमेटिक पासपोर्ट में क्या सुविधाएं मिलती हैं?

डिप्लोमेटिक पासपोर्ट पर 34 से ज्यादा देशों में वीजा ऑन अराइवल, 90 दिन का स्टे और वीवीआईपी जैसी सुविधाएं मिलती हैं. यह पासपोर्ट किसी सांसद, मंत्री या अधिकारी के कार्यकाल तक ही वैलिड रहता है. डिप्लोमेटिक की सुविधा पांच साल के लिए वैलिड रहती है, लेकिन उससे पहले भी रद्द किया जा सकता है. विदेश मंत्रालय के अनुसार डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रद्द करने का मामला पासपोर्ट अधिनियम 1967 एक्ट के अंतर्गत आता है, जिसके प्रावधानों के अनुसार कोर्ट से निर्देश आना जरूरी है, तभी डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रद्द किया जा सकता है.

किन देशों में काम करता है भारत का डिप्लोमेटिक पासपोर्ट

साल 2011 में भारत सरकार ने 34 देशों के साथ ऑपरेशन वीजा एग्जम्पशन एग्रीमेंट किया था, जिसके तहत फ्रांस, जर्मनी, अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, ईरान, इटली, चेक रिपब्लिक और स्विटजरलैंड में डिप्लोमेटिक पासपोर्ट होल्डर बिना वीजा के एंट्री ले सकते हैं. हालांकि, 90 दिन से ज्यादा का स्टे नहीं मिलता है. भारत को 99 देशों के साथ सर्विस और ऑफिशियल पासपोर्ट के साथ ऑपरेशन वीजा एग्जम्पशन की सुविधा भी है, जिसके तहत इन देशों में 90 दिन का स्टे कर सकते हैं. इनमें ब्राजील, मिस्त्र, बहरीन, हांगकांड, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान शामिल हैं.

नीला, ऑरेंज और सफेद पासपोर्ट क्या है?

  • नीला पासपोर्ट या ऑर्डिनरी पासपोर्ट सबसे ज्यादा भारतीयों के पास होता है. यह पढ़ाई, बिजनेस या घूमने के लिए विदेश जाने के लिए जारी किया जाता है.
  • सफेद पासपोर्ट सिर्फ सरकारी अधिकारियों, सिविल सर्विस के कर्मचारियों और सैन्य अधिकारियों के लिए जारी किया जाता है. विदेश में आधिकारिक काम से जुड़ी यात्रा के लिए यह दिया जाता है. इसके तहत अधिकारियों को इमिग्रेशन काउंटर पर विशेष सुविधा भी मिलती है. सरकारी आईडी, विभाग से ड्यूटी सर्टिफिकेट, आधिकारिक फॉरवर्डिंग लेटर और पीएमओ की अनुमति पर यह पासपोर्ट जारी किया जाता है.
  • ऑरेंज पासपोर्ट उन भारतीयों के लिए जारी किया जाता है, जिन्होंने पढ़ाई की न्यूनतम योग्यता पूरी नहीं की होती है और वह काम के सिलसिले में कुछ खास देशों में जाते हैं. जिनका इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड (ECR) स्टेटस होता है, उन्हें यह पासपोर्ट दिया जाता है. उन्हें विदेश यात्रा से पहले अतिरिक्त इमिग्रेशन जांच से गुजरना होता है. 

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