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पूर्वा चौधरी यूपीएससी में अपने सिलेक्शन के बाद से ही चर्चा का विषय बन गई हैं. कभी उनकी सोशल मीडिया पर तस्वीरों को लेकर बातें की जाती हैं तो कभी उनके सिलेक्शन पर सवाल उठाया जा रहा है. जानें उनके पिता क्या करते हैं और इंटरव्यू में उन्होंने क्या कहा...
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है. अभी कुछ महीने पहले ही यूपीएससी सीएसई 2024 के नतीजे जारी किए गए हैं. सिलेक्टेड उम्मीदवारों की लिस्ट में पूर्वा चौधरी का भी नाम है. वह अपने सिलेक्शन के बाद से ही चर्चा का विषय बन गई हैं. कभी उनकी सोशल मीडिया पर तस्वीरों को लेकर बातें की जाती हैं तो कभी उनके सिलेक्शन पर सवाल उठाया जा रहा है.
पूर्वा चौधरी को यूपीएससी 2024 में 533वीं रैंक मिली है. उन्हें रिटेन एग्जाम में 771 मार्क्स और पर्सनल इंटरव्यू में 165 मार्क्स मिले हैं. कुल मिलाकर उन्होंने 2025 में से 936 नंबर हासिल किए हैं. सोशल मीडिया पर कई लोग ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर (एनसीएल) कोटा के तहत उनकी पात्रता पर सवाल उठा रहे हैं. इन आरोपों के जवाब में उनके पिता सामने आए हैं और अपनी बात रखी है.
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पूर्वा चौधरी के पिता ओमप्रकाश सहारण राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के अधिकारी हैं. वर्तमान में वह कोटपूतली में अतिरिक्त जिला कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने बेटी को ट्रोल करने वालों पर कहा कि इस तरह के दावे करने वाले कई लोगों को लागू नियमों और विनियमों की उचित समझ का अभाव है.
इंडिया टुडे को दिए गए एक इंटरव्यू में पूर्वा चौधरी के पिता ओमप्रकाश सहारण ने कहा कि 40 साल की आयु से पहले सीधी आरएएस भर्ती के मामले में ओबीसी एनसीएल लाभ लागू नहीं होता. मैं 44 साल की आयु में आरएएस अधिकारी बन गया इसलिए यह दावा कि मेरी बेटी ने प्रमाण पत्र का दुरुपयोग किया है, पूरी तरह से झूठ है. इसके अलावा सहारण ने बताया कि यही दिशा-निर्देश क्लास I पदों पर पदोन्नति या नियुक्ति के लिए भी लागू होते हैं. अगर ऐसी पदोन्नति 40 वर्ष की आयु से पहले होती है तो बच्चा OBC NCL कोटे के लिए अयोग्य हो जाता है. लेकिन मेरे मामले में ऐसा नहीं है.
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सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं के तेजी से प्रसार पर उन्होंने कहा कि लोग झुंड मानसिकता का पालन करते हैं. यूपीएससी इस समय एक ट्रेंडिंग विषय है और कई लोग इसका इस्तेमाल व्यूज और फॉलोअर्स हासिल करने के लिए करते हैं. सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्रुप ए के अधिकारियों के बच्चे जिन्हें 40 वर्ष की आयु के बाद पदोन्नत किया जाता है, आरक्षण लाभ के लिए पात्र बने रहते हैं. बशर्ते कि परिवार की वार्षिक आय कृषि से आय को छोड़कर 8 लाख रुपये से अधिक न हो.
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