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भारतीय-ब्रिटिश अरबपति और हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद हिंदुजा का 85 साल की उम्र में निधन हो गया. जानें वह कितने पढ़े-लिखे थे...
भारतीय-ब्रिटिश अरबपति और हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद हिंदुजा का 85 साल की उम्र में निधन हो गया. यूके संडे टाइम्स रिच लिस्ट के अनुसार वह लगातार सात साल तक यूनाइटेड किंगडम के सबसे अमीर व्यक्ति थे. साल 1940 में भारत में जन्मे गोपीचंद हिंदुजा ने ऑटोमोटिव लिमिटेड के चेयरमैन के रूप में भी काम किया और 2023 में अपने भाई श्रीचंद हिंदुजा की मृत्यु के बाद हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन का पदभार संभाला.
गोपीचंद हिंदुजा ने 1959 में मुंबई के जय हिंद कॉलेज से ग्रेजुएशन की उपाधि हासिल की. इसके अलावा उन्हें वेस्टमिंस्टर यूनिवर्सिटी से डॉक्टर ऑफ लॉ की मानद उपाधि भी हासिल थी. उन्हें लंदन के रिचमंड कॉलेज से इकोनॉमी में डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी मिल चुकी थी.
हिंदुजा ब्रदर्स ने अपने पिता के कपड़ा और व्यापारिक व्यवसायों से भारत में मुंबई और ईरान में तेहरान से अपना बिजनेस करियर शुरू किया. उनका शुरुआती बिजनेस भारत से ईरान तक खाद्य वस्तुओं खासकर प्याज और आलू और लौह अयस्क की बिक्री शामिल थी. 1980 के दशक में अशोक लेलैंड (ब्रिटिश लेलैंड से) और गल्फ ऑयल (शेवरॉन से) के अधिग्रहण और 1990 के दशक में स्विट्जरलैंड और भारत में बैंकों की स्थापना के साथ हिंदुजा ग्रुप टाटा , बिड़ला और अंबानी जैसे नामों के साथ भारत के टॉप बिजनेस फैमिली में से एक बन गया.
साल 2012 में हिंदुजा ग्रुप ने दुनिया की सबसे बड़ी धातु तरल पदार्थ निर्माता अमेरिकी फर्म ह्यूटन इंटरनेशनल को $1.045 बिलियन में अधिग्रहित किया. मई 2024 तक उन्हें ब्रिटेन का सबसे अमीर व्यक्ति माना जाता है. वहीं 1990 के दशक से उन्हें लगातार ब्रिटेन और एशिया के सबसे धनी लोगों में स्थान दिया गया है.
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