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UPSC Success Story: आज हम आपको यूपीएससी की एक ऐसी सफल छात्रा के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने अपने घरवालों को बिना बताएं परीक्षा दी और 586वीं रैंक हासिल की. आइए जानते है कौन हैं कविता किरण
UPSC Success Story: UPSC की रिजल्ट आने के बाद प्रयागराज की शक्ति दुबे ने रैंक 1 हासिल की है. वहीं यूपी की कविता किरण ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 586वीं रैंक हासिल की. ऐसे मेधावी छात्रों की सफलता की कहानियां अक्सर हमारा ध्यान खीचती हैं. आज हम आपको कविता किरण की कहानी के सफल होने की कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं. कविता किरण ने यूपीएससी की परीक्षा में 586वीं रैंक हासिल तो कि लेकिन इस बारे में उनके अलावा किसी को पता नहीं था क्योंकि उन्होंने कभी अपने परिवार को नहीं बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं.
रिजल्ट आया तो हैरान रह गया परिवार
जब यूपीएससी का रिजल्ट जारी हुआ तो परिवार आश्चर्यचकित रह गया. क्योंकि ये परिवार के लिए सच में हैरान कर देने वाला था. क्योंकि उन्हें पता ही नहीं था कि उनकी बेटी भी यूपीएससी की परीक्षा में बैठी हैं. बता दें कि कविता मूल रुप से उत्तर प्रदेश के मऊ के रहने वाली है. कविता के पिता सुरेंद्र नाथ सिंह पेशे से एक वकील है और मऊ जिला बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री हैं. कविता की शुरूआती पढ़ाई मऊ के फातिमा स्कूल से हुई. इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिल्ली के वंसत कुंज स्थित डीपीएस में एडमिशन लिया.
2022 में भी दी थी परीक्षा
दिल्ली के मिरांडा हाउस से स्नातक, स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातकोत्तर और मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से भी पढ़ाई की. कविता ने जेआरएफ और नेट परीक्षा भी पास की और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में शोध शुरू किया. कविता ने 2022 में यूपीएससी परीक्षा देने का प्रयास किया , लेकिन सफलता नहीं मिली, लेकिन इस साल उनकी कड़ी मेहनत और लग्न ने उन्हें सफलता दिलाई है. कविता के छोटे भाई प्रशांत किरण ने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक किया और अब सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे हैं.
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