एजुकेशन
सीनियर आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम सीबीएसई के नए चेयरमैन नियुक्त हुए हैं, जानें उनकी एजुकेशनल क्वॉलिफिकेशन क्या है और उनकी यूपीएससी में क्या रैंक थी...
केंद्र सरकार ने सीनियर आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन नियुक्त किया है. उन्हें गृह मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी के अपने मौजूदा पद के साथ सीबीएसई अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. लोखंडे प्रशांत सीताराम 2001 बैच के AGMUT कैडर के सीनियर आईएएस अधिकारी हैं. AGMUT कैडर का दायरा अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेशों तक फैला हुआ है. लंबे एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपीरियंस और पॉलिसी मेकिंग से जुड़े दायित्वों की वजह से उन्हें एक अनुभवी और कुशल प्रशासक माना जाता है.
आईएएस लोखंडे प्रशांत सीताराम का एजुकेशनल बैकग्राउंड भी बेहद मजबूत है. उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएशन किया और इसके बाद मुंबई में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (NITIE) से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली. NITIE को अब IIM मुंबई के नाम से जाना जाता है. अपनी पोस्टग्रेजुएशन की पढ़ाई खत्म करने के साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी. साल 2000 में यूपीएससी के सिविल सेवा परीक्षा के नतीजों में उन्हें 29वीं रैंक हासिल हुई थी.
IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम एडिशनल सेक्रेटरी लेवल के अधिकारी हैं. उनकी सैलरी 7वें वेतन आयोग के वेतन स्तर-15 में आता है. इसमें हर महीने 1,82,200 रुपये बेसिक सैलरी मिलती है. इसके अलावा उन्हें दूसरी सुविधाएं जैसे महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता भी मिलती हैं. उनका सीबीएसई चेयरमैन के रूप में मिलने वाला वेतन और भत्ते भी केंद्र सरकार के लागू सेवा नियमों के अनुसार निर्धारित होंगे.
अपने दो दशक से अधिक लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने कई बड़े पद पर काम किया है. वे अरुणाचल प्रदेश में डिप्टी कमिश्नर के रूप में काम कर चुके हैं. इसके अलावा वह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. उन्होंने चीन की राजधानी बीजिंग के भारतीय दूतावास में काउंसलर (इकोनॉमिक्स) के रूप में भी सेवाएं दी. इसके अलावा वे कृषि मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी के रूप में भी काम कर चुके हैं. इन सभी पदों पर रहते हुए उन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन, पॉलिसी मेकिंग, इकोनॉमी, इंटरनेशनल रिलेशन और गुड गवर्नेंस का अनुभव हासिल किया.