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केरल नहीं इस राज्य में है भारत का सबसे शिक्षित गांव, डॉक्टर से लेकर सरकारी अधिकारियों तक से भरी है आबादी

यूपी के अलीगढ़ में स्थित यह गांव भारत ही नहीं बल्कि एशिया का भी सबसे शिक्षित गांव है जिसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है, जानें इस गांव के बारे में रोचक बातें...

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केरल नहीं इस राज्य में है भारत का सबसे शिक्षित गांव, डॉक्टर से लेकर सरकारी अधिकारियों तक से भरी है आबादी

Dhaurra Mafi

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भारत की 70 फीसदी से ज़्यादा आबादी गांवों में रहती है जहां लोग खेती-किसानी पर निर्भर हैं. कुछ गांव बहुत बड़े हैं जबकि क्षेत्रफल और आबादी के हिसाब से कई छोटे गांव भी हैं. साल 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में करीब 628,221 गांव हैं. आज हम आपको एक ऐसे गांव से रूबरू करवाने जा रहे हैं जो देश ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे शिक्षित गांव है. यहां के करीब 80% लोग पढ़े-लिखे अधिकारी हैं और इतना ही नहीं इस गांव का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है.

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लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में दर्ज है नाम

इस गांव का नाम धौर्रा माफी है जो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के जवां ब्लॉक में स्थित है. धौर्रा माफी को पूरे एशिया में सबसे शिक्षित गांव माना जाता है. धौर्रा माफी को 'सबसे साक्षर गांव' घोषित किया गया है और साल 2002 में 'लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स' में भी इसका नाम दर्ज है. धौर्रा माफी गांव में 14000 से अधिक घर, पक्के मकान, 24 घंटे बिजली और पानी की आपूर्ति और कई अंग्रेजी माध्यम के स्कूल और कॉलेज हैं.

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यहां खेती पर कम है निर्भरता

यहां के लोग आलीशान जीवनशैली जीते हैं. खेती पर निर्भरता कम है क्योंकि ज़्यादातर लोग नौकरीपेशा हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गांव की आबादी करीब 11,000 है, जिनमें से 90% से ज़्यादा लोग शिक्षित हैं. इतना ही नहीं वे देश भर की सरकारों में अहम पदों पर हैं. इस गांव के लोग डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, प्रोफेसर और आईएएस अधिकारी बन चुके हैं.

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इस गांव में लोग मिल-जुलकर रहते हैं और हर महिला और हर पुरुष बराबर है और यहां सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं. यहां की स्थानीय संस्कृति दूसरे गांवों से काफी अलग है जो इसे खूबसूरत बनाती है.  यह ग्रामीणों और ग्राम पंचायत का सामूहिक प्रयास था जिसकी वजह से यहां की साक्षरता दर 80 प्रतिशत के आसपास पहुंच गई. धौर्रा माफी 100 प्रतिशत साक्षरता हासिल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.

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