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कभी मिसाल थीं और अब सवालों के घेरे में हैं ये पूर्व अधिकारी, जानें LLB कर IAS बनीं सेवाली शर्मा की कहानी

आज हम आपको उस महिला आईएएस अधिकारी की कहानी बताने जा रहे हैं जो कभी देश के युवाओं के लिए मिसाल थीं और आज वह भ्रष्टाचार को लेकर सवालों के घेरे में हैं. जानें सेवाली देवी शर्मा की कहानी...

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कभी मिसाल थीं और अब सवालों के घेरे में हैं ये पूर्व अधिकारी, जानें LLB कर IAS बनीं सेवाली शर्मा की कहानी

Sewali Devi Sharma

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कभी देश के लाखों युवाओं के लिए मिसाल रहने वालीं सेवाली शर्मा आज सवालों के घेरे में हैं. पूर्व आईएएस सेवाली शर्मा पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है, जिसमें ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) सेल के माध्यम से सरकारी धन का कथित दुरुपयोग शामिल है. हाल ही में ईडी ने उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की है जिससे वह फिर से चर्चा में आ गई हैं.

कौन हैं सेवाली देवी शर्मा?

राज्य सिविल सेवा के माध्यम से लोक सेवा में प्रवेश करने से पहले सेवाली ने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है. उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए अर्हता प्राप्त की और असम में अहम पदों पर कार्यरत एक आईएएस अधिकारी बनीं. उन्होंने स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग सेल की एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और डायरेक्टर के अलावा कृषि विभाग की डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया.

हालांकि पूर्व आईएएस अधिकारी का शानदार करियर उस समय कटघरे में आया, जब वह 105 करोड़ रुपये के घोटाले में फंस गईं. मुख्यमंत्री के स्पेशल विजिलेंस सेल ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था जिसमें सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़ी 5.7 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ था. इसके बाद शर्मा को निलंबित कर दिया गया और वह गायब हो गईं. आखिरकार 9 मई 2023 को उन्हें उनके दामाद अजीतपाल सिंह और तीन अन्य लोगों के साथ राजस्थान में गिरफ्तार कर लिया गया.

सेवाली शर्मा को क्यों गिरफ्तार किया गया?

सेवाली राज्य SCERT के ODL सेल की एग्जीक्यूटिव चेयरमैन कम डायरेक्टर थीं. नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन NCTE के दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) कार्यक्रम को डिस्टेंस माध्यम से लागू करते हुए उन्होंने 27,897 सीटों वाले 59 संस्थानों के लिए सरकारी अप्रूवर के बावजूद 1,06,000 ट्रेनी को इनरोल किया. 

उन्होंने ट्रेनी से मिले 115 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सरकारी खजाने के बजाय पांच गुप्त बैंक खातों में जमा कर दिया जिसके कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया और मुख्यमंत्री की स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.  

इस बीच सेवाली शर्मा जो कभी यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए एक आदर्श थी, एक चेतावनी बन गई है और उसका मामला अब भ्रष्टाचार के लिप्त अधिकारियों के होने वाले अंजाम की याद दिलाने वाली घटना बन गई.

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