एजुकेशन
दिल्ली की श्रेया त्यागी ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में 31वीं रैंक लाने के बाद भी आईएएस की पोस्ट को ठुकरा दिया, जानें उन्होंने आखिर क्यों किया ऐसा...
UPSC सिविल सेवा परीक्षा को भारत की मुश्किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है. लाखों उम्मीदवार इस कठिन परीक्षा को पास करने और सिविल सेवा में शामिल होने का अपना सपना पूरा करने के लिए काफी मेहनत करते हैं. कुछ उम्मीदवार इसमें सफल भी हो जाते हैं लेकिन अपनी मनचाही सेवा या अपनी रैंक को बेहतर बनाने के फिर से एग्जाम देते हैं और सफल होकर अपनी मंजिल भी हासिल कर लेते हैं. श्रेया त्यागी की सफलता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है.
यह भी पढ़ें- इस स्कूल के मालिक हैं बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख! पिता विलासराव देशमुख ने रखी थी नींव, जानें फीस
IFS श्रेया त्यागी ने चार बार यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास की और हर बार अपनी रैंक में सुधार किया और आखिरकार वह 31वीं रैंक लाकर टॉपर बनीं लेकिन फिर भी उन्होंने आईएएस का पोस्ट ठुकरा दिया. उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह भारतीय विदेश सेवा में शामिल होना चाहती थीं.
दिल्ली में जन्मी श्रेया त्यागी ने अपने पिता की जॉब की वजह से देश के विभिन्न शहरों में अपना बचपन बिताया और आखिर में उन्होंने बहरीन में अपने आखिरी स्कूली साल पूरे किए. यहीं से उन्होंने 12वीं की पढ़ाई भी की. स्कूलिंग खत्म होने के बाद उन्होंने दिल्ली की टॉ़प यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन्स में हायर स्टडीज की. इसके साथ ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी भी शुरू कर दी.
यह भी पढ़ें- कितने पढ़े-लिखे हैं IAS Dhiman Chakma? 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए
अपनी कड़ी मेहनत और लगन से श्रेया त्यागी ने चार बार यूपीएससी सीएसई पास किया और भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस), भारतीय व्यापार सेवा (आईटीएस) और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के लिए चुनी गईं. हालांकि उन्होंने इन सेवाओं में शामिल नहीं होने का फैसला किया क्योंकि उनका एकमात्र लक्ष्य आईएफएस अधिकारी बनना था.
आखिरकार श्रेया त्यागी ने छठे और फाइल अटेम्प्ट में 2024 की यूपीएससी की परीक्षा में 31वीं रैंक हासिल की और उनका सपना पूरा हुआ. श्रेया को कथित तौर पर प्रतिष्ठित आईएएस सेवा की पेशकश की गई थी लेकिन उन्होंने इसके बजाय आईएफएस को चुना.
यह भी पढ़ें- कौन हैं UPSC 2020 के टॉपर शुभम कुमार की पत्नी प्रियांगी? पति से कम नहीं रुतबा, ब्यूटी विद ब्रेन की हैं मिसाल
एक इंटरव्यू में आईएफएस श्रेया त्यागी ने बताया कि वह रोजाना करीब 8-9 घंटे पढ़ाई करती थीं, लेकिन आराम करने के लिए भी समय निकालती थीं क्योंकि इससे उन्हें बेहतर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है. श्रेया ने तनाव कम करने के लिए कुकिंग और ट्रैवलिंग जैसे शौक भी पूरे किए. अपने यूपीएससी के पाठ्यक्रम को कवर करने के लिए उन्होंने केंद्रित रणनीति का इस्तेमाल किया. इसके अलावा श्रेया ने यूपीएससी सीएसई के लिए अपनी तैयारी के स्तर का आकलन करने के लिए मॉक टेस्ट पर भरोसा किया और अपनी कमजोरियों की पहचान करने में मदद की. आज उनकी सफलता लाखों उम्मीदवारों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.