एजुकेशन
आज हम एक ऐसी महिला IAS ऑफिसर के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिसने अपने जीवन में कई आर्थिक मुश्किलों का सामना किया. साथ ही बचपन में भैंस चराई. हालांकि कई दिक्कतों के बाद अपनी मेहनत से IAS अधिकारी बनी.
भारत में यूपीएससी की परीक्षा सबसे मुश्किल मानी जाती हैं. लेकिन इसके बावजूद भी देशभर के कई स्टूडेंट इस परीक्षा में हिस्सा लेते हैं और अपनी मेहनत, लगन से इसे क्लियर करके IAS-IPS ऑफिसर की उपाधि हासिल करते हैं. वहीं, आज हम एक ऐसी ही महिला IAS ऑफिसर के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिसने अपने जीवन में कई आर्थिक मुश्किलों का सामना किया. साथ ही बचपन में भैंस चराई. हालांकि कई दिक्कतों के बाद भी इस महिला ने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत से IAS अधिकारी बनी.
दरअसल, हम बात कर रहे हैं तमिलनाडु से संबंध रखने वाली IAS Officer सी वनमथी की. सी वनमथी की आईएएस बनने की कहानी काफी इंस्पायरिंग हैं. उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही अपने परिवार का कामकाज में हाथ बटाना शुरू कर दिया था. वह भैंस चराती थीं और घर के बाकी काम भी करती थीं. उनके पिता एक कैब ड्राइवर थे और परिवार ने काफी आर्थिक समस्याओं का भी सामना किया. हालांकि उसके बाद भी वनमथी के पिता ने उनकी पढ़ाई का पूरा ध्यान रखा.
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वहीं, पढाई के साथ जैसा कि वह कई कामों करती रहीं.लेकिन उन्होंने अन्य लड़कियों की तरह शादी करने का नहीं बल्कि एक आईएएस ऑफिसर बनने का सपना देखा था. जैसे जैसे सी वनमथी बड़ी हुई और 12वीं की परीक्षा के बाद रिश्तेदारों के कारण उनपर शादी का दबाव बढ़ा, लेकिन उन्होंने अपने आईएएस बनने के सपने को अहमियत दी ना की शादी को और इसमें उन्हें उनके माता पिता का भी साथ मिला. उन्होंने अपनी कंप्यूटर एप्लीकेशन में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के साथ-साथ कंपीटीटिव एग्जाम की भी तैयारी की और उन्होंने दिन रात लगातार मेहनत की.
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सी वनमथी ने कई बार असफलताओं का सामना किया, लेकिन उसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. लगातार मेहनत के बाद उन्हें आखिरकार सफलता हासिल हुई. साल 2015 में उन्होंने यूपीएससी एग्जाम में 152वीं रैंक हासिल की और कई लड़कियों के लिए वह मिसाल बनी. बता दें कि सी वनमथी इन दिनों महाराष्ट्र नंदुरबार में असिस्टेंट कलेक्टर और प्रोजेक्ट ऑफिसर के रूप में तैनात हैं.
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