Advertisement

'अंग्रेजों से डरकर जर्मनी भाग गए थे सुभाष चंद्र बोस'– SCERT की किताब में गड़बड़ी, बवाल के बाद सुधारी गलती

केरल में SCERT के चौथी कक्षा के स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को दिए गए हैंडबुक में काफी गंभीर गलती सामने आई है जिसमें यह लिखा गया कि अंग्रेजों के डर से नेताजी जर्मनी भाग गए थे. बवाल के बाद सुधार किया गया और जांच के आदेश दिए गए, जानें क्या है पूरा मामला...

Latest News
'अंग्रेजों से डरकर जर्मनी भाग गए थे सुभाष चंद्र बोस'– SCERT की किताब में गड़बड़ी, बवाल के बाद सुधारी गलती

Netaji Subhash Chandra Bose (Photo Credit- Wikimedia Commons)

Add DNA as a Preferred Source

केरल में स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग SCERT के चौथी कक्षा के स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए शिक्षकों के हैंडबुक में काफी गंभीर गलती पाई गई. शिक्षकों का मार्गदर्शन करने के लिए बनाई गई इस पुस्तिका में गलत तरीके से लिखा गया है कि स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजों के डर से भारत छोड़ दिया था. शिक्षकों ने इसकी सूचना SCERT को दी जिससे उसे इस गलती की जानकारी मिली. 

टीचर्स ने ही गलती पर एससीईआरटी को दी जानकारी

यह विवादास्पद संदर्भ बोस के बारे में एक शॉर्ट नोट में छपा था. पुस्तिका में पहले उल्लेख किया गया था कि बोस ने कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में काम किया और बाद में फॉरवर्ड ब्लॉक बनाने के लिए इस्तीफा दे दिया. लेकिन फिर इसमें गलत तरीके से यह जोड़ दिया गया कि बोस अंग्रेजों के डर से जर्मनी भाग गए और फिर औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लड़ने के लिए इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) का गठन किया.

शिक्षकों ने पुस्तिका प्राप्त होते ही गलती की ओर ध्यान दिलाया. फीडबैक के बाद एससीईआरटी ने पुस्तक की विषयवस्तु में सुधार किया और हैंडबुक का रिवाइज्ड संस्करण जारी किया. अंग्रेजों से डरने वाले वाक्य को हटा दिया गया.

SCERT ने शुरू की आंतरिक जांच

एससीईआरटी के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आधिकारिक शैक्षणिक पुस्तिका में समीक्षा प्रक्रिया के दौरान ऐसी गलती कैसे हुई. इन पुस्तिकाओं का उद्देश्य शिक्षकों को कक्षा शिक्षण के लिए सही पृष्ठभूमि जानकारी और निर्देश प्रदान करना है. इस घटना से SCERT की काफी आलोचना हुई और लोग कहने लगे कि अगर ऐसी गंभीर तथ्यात्मक गलतियों पर ध्यान नहीं दिया गया तो स्टूडेंट्स देश के नेताओं के जीवन और योगदान के बारे में गुमराह हो सकते हैं.

सुभाष चंद्र बोस भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे प्रमुख व्यक्तियों में से एक हैं. भारत छोड़ने का उनका फैसला ब्रिटिश शासन के विरुद्ध वैश्विक समर्थन जुटाने के एक सोचे-समझे प्रयास का हिस्सा था न कि यह किसी डर से लिया गया फैसला था. एससीईआरटी ने शिक्षकों और अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी चूक को रोकने के लिए सख्त गुणवत्ता जांच लागू की जाएगी.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x,   इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement