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'दिन में दुकान, रात में पढ़ाई...' मोबाइल कवर बेचने वाले लड़के ने अच्छे नंबरों से पास की NEET 2025 की परीक्षा, जानें संघर्ष की कहानी

नीट जैसी परीक्षा को पास करना आसान बात नहीं है और जब गरीब परिवार का बच्चा इस परीक्षा को अच्छे नंबरों से पास करता है तो उसकी सफलता और भी ज्यादा खास हो जाती है, जानें मोबाइल कवर बेचने वाले शख्स के नीट की परीक्षा पास करने तक का सफर...

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'दिन में दुकान, रात में पढ़ाई...' मोबाइल कवर बेचने वाले लड़के ने अच्छे नंबरों से पास की NEET 2025 की परीक्षा, जानें संघर्ष की कहानी

Rohit Kumar NEET UG 2025

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स्टील सिटी जमशेदपुर के मोबाइल कवर बेचने वाले रोहित कुमार ने वह कर दिखाया है जिसका कई लोग सपना ही देखते हैं. उन्होंने 549 स्कोर के साथ  NEET UG 2025 की परीक्षा पास की है और देश भर में उनकी 12,484वीं रैंक आई है. अब रोहित को किसी  सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलने की उम्मीद है. जहां नीट के उम्मीदवार कोचिंग सेंटर पर निर्भर रहते हैं, वहीं रोहित रोहित दिनभर फोन कवर बेचकर और देर रात तक पढ़ाई करके अपना गुजारा चलाते हैं.

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क्या था रोहित कुमार का डेली रूटीन?

फिजिक्स वाला अलख पांडेय को अपने पूरे दिन की रूटीन बताते हुए रोहित ने कहा, 'मैं पूरे दिन काम करता था और फिर सुबह 3 बजे तक पढ़ाई करता था. मैं बस कुछ घंटे सोता था और सुबह 7 बजे तक काम पर वापस आ जाता था.' रोहित फिजिक्सवाला के निशुल्क  'उम्मीद' बैच का हिस्सा थे. रिजल्ट आने के बाद अलख पांडेय ने रोहित से उनके स्टॉल पर जाकर मुलाकात की और उन्हें डॉक्टर का कोट उपहार में दिया. 

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कोविड काल में देखा डॉक्टर बनने का सपना

मेडिकल फील्ड में जाने का सपना रोहित ने कोविड महामारी के दौरान देखा था. उस समय वह एक लोकल मेडिकल स्टोर पर काम करते थे. तब उन्होंने तय किया कि उन्हें डॉक्टर बनना है. एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले रोहित के पिता सब्जी बेचते हैं और उनकी मां गृहिणी हैं. रोहित ने पूरी तरह से नीट पर फोकस करने के लिए कॉलेज छोड़ दिया था. सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत रंग लाई और उन्हें सफलता हासिल हुई.

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बड़े भाई को मानते हैं प्रेरणास्रोत

इससे पहले रोहित ने साल 2024 में भी नीट क्रैक किया था, उस समय उन्होंने 485 अंक हासिल किए थे. इंटरमीडिएट में उन्होंने पीसीबी स्ट्रीम के साथ पढ़ाई की और बोर्ड एग्जाम में भी बढ़िया मार्क्स हासिल किए. रोहित अपने बड़े भाई को अपनी सफलता का श्रेय देते हैं. उन्होंने कहा, 'भाई ने मुझे बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया.' आज रोहित कुमार की सफलता की कहानी देश के लाखों स्टूडेंट्स को प्रेरित कर रही है. उनकी कहानी यह दिखाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद आप कड़ी मेहनत और लगन के दम पर अपनी मंजिल हासिल कर सकते हैं.

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