एजुकेशन
सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग ढहने के दर्दनाक हादसे की वजह से बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स को बेघर होना पड़ा है. अब इस संकट की घड़ी में उनके कॉलेज मदद के लिए आगे आए हैं. डीयू के कॉलेजों के कैंपस में स्टूडेंट्स को सिर्फ रहने के लिए आवास ही नहीं बल्कि खाना-पानी भी मुहैया कराया जा रहा है...
Satya Niketan Delhi Building Collapsed: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग ढहने के दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई कॉलेज स्टूडेंट्स की मदद के लिए आगे आए हैं. इस हादसे की वजह से बेघर हुए स्टूडेंट्स के रहने के लिए इन कॉलेजों ने अपने कैंपस खोल दिए हैं और कुछ ने तो छात्रों के खाने-पीने का मोर्चा भी संभाल लिया है.
हादसे की जगह से बेहद पास, श्री वेंकटेश्वर कॉलेज स्टूडेंट्स को राहत पहुंचाने के काम में पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है. यह कॉलेज 7 सितंबर को बंद रखा गया है. बिल्डिंग ढहने से जो स्टूडेंट्स प्रभावित हुए हैं और अपने रहने के लिए कोई सुरक्षित आवास नहीं तलाश पा रहे हैं, उनके लिए कॉलेज ने अपना कैंपस खोल दिया है और उन्हें अस्थायी शेल्टर और खाना मुहैया करा रहा है.
कॉलेज के ऑफिशियल नोटिस के मुताबिक, दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस की सभी छात्राएं और श्री वेंकेटेश्वर कॉलेज के सभी स्टूडेंट्स कॉलेज कैंपस में अस्थायी आवास और खाना पा सकते हैं. नोटिस में कहा गया कि जिन स्टूडेंट्स को अपना आवास खोना पड़ा है या फिर जो अपने रहने के लिए सुरक्षित जगह तलाश नहीं कर पा रहे हैं, उनसे अनुरोध है कि वे कॉलेज कैंपस में शरण लें. स्टूडेंट्स से इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स को शेयर करने के लिए कहा गया है जिससे जिन स्टूडेंट्स को भी जरूरत है, उन्हें समय पर मदद मिल सके.

श्री वेंकटेश्वर कॉलेज की तरह ही दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई दूसरे कॉलेजों ने भी सत्य निकेतन में रहने वाले स्टूडेंट्स की मदद का फैसला किया है, जिन्हें सुरक्षा कारणों से अपना पीजी या किराये का कमरा खाली करना पड़ा है. आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज, जीसस एंड मैरी कॉलेज और शहीद भगत सिंह कॉलेज ने प्रभावित स्टूडेंट्स को अपने कैंपस में आकर अस्थायी रूप से रहने के लिए कहा है.
आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए जानकारी दी कि जिन स्टूडेंट्स और स्थानीय लोगों को मदद की जरूरत है, उनके लिए कॉलेज के दरवाजे खुले हुए हैं. कॉलेज ने कहा कि खाना, पानी और शेल्टर कैंपस के अंदर जरूरतमंदों को मुहैया कराया जाएगा.
In light of the Satya Niketan collapse, @arsdcollegedu has opened its gates for students and residents needing help. Food, water, and shelter are available inside the campus.
— arsdcollegedu (@arsdcollegedu) September 6, 2026
If you or anyone you know needs support, please head to the campus. #SatyaNiketan #DUCare @UnivofDelhi pic.twitter.com/5MbTtcN90M
दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों के इस फैसले से बिल्डिंग ढहने की वजह से अनिश्चितता का सामना कर रहे स्टूडेंट्स को थोड़ी राहत मिली है. सत्य निकेतन, दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के लिए एक बड़ा रेसिडेंशियल हब है, जहां बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स पीजी और किराए के फ्लैट्स में रहते हैं. ऐसे में अचानक इस जगह को छोड़ना इन स्टूडेंट्स के लिए परेशानी का सबब बन गया है.
कई स्टूडेंट्स अपने-अपने शहरों में लौट गए हैं जबकि कई अपने लोकल गार्जन के पास चले गए हैं. लेकिन बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ऐसे भी हैं जो ठहरने के लिए किसी सुरक्षित जगह का इंतजाम करने में नाकाम हैं. फिलहाल प्रभावित स्टूडेंट्स से आग्रह किया गया है कि वे संबंधित कॉलेजों से संपर्क करें और उपलब्ध कराए जा रहे अस्थायी आवास, खाना और दूसरी मदद का फायदा उठाएं.