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जिस मुकाम तक पहुंचने में टीना डाबी को 10 साल लगे, उसे उनकी छोटी बहन रिया डाबी ने महज 4 साल में हासिल कर लिया. जानें कैसे तरक्की की दौड़ में बड़ी बहन से आगे निकल गईं रिया डाबी...
टीना डाबी ने साल 2015 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहली रैंक पाकर इतिहास रच दिया था. उनकी बहन रिया डाबी ने भी सिविल सेवा में अपनी खास पहचान बनाई है. टीना और रिया दोनों ही तेजतर्रार आईएएस अधिकारी हैं. रिया डाबी ने 2020 में यूपीएससी में 15वीं रैंक हासिल की थी. अपनी बहन से प्रेरित होकर रिया ने यूपीएससी की चुनौतीपूर्ण परीक्षा दी थी और उसमें शानदार रैंक भी हासिल की थी.
इस साल केंद्र सरकार ने टीना और रिया डाबी के प्रमोशन के बाद आईएएस अधिकारियों की एक लिस्ट जारी की. इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर दोनों बहनों के करियर की तुलना की जाने लगी. इस पर चर्चा होने लगी कि जिस मुकाम तक पहुंचने में टीना को 10 साल लगे, उसे रिया ने महज 4 साल में हासिल कर लिया.
सितंबर 2024 में एक बड़े नौकरशाही फेरबदल में भजनलाल सरकार ने 108 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया था. इनमें से 98 का ट्रांसफर किया गया और नियुक्ति के आदेश की प्रतीक्षा कर रहे 10 अधिकारियों को उद्योग विभाग में पदभार सौंपा गया.
इंडिया डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार रिया डाबी का प्रमोशन उनकी बड़ी बहन की तुलना में काफी तेजी से हुआ है. जहां टीना को प्रमोशन के लिए लगभग 9-10 साल इंतज़ार करना पड़ा, वहीं 2021 में आईएएस में शामिल हुईं रिया को 2024 में पदोन्नति मिली और वे जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव स्केल से सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव स्केल पर पहुंच गईं. टीना डाबी फिलहाल बाड़मेर ज़िला कलेक्टर के पद पर तैनात हैं.
रिया डाबी के पति मनीष कुमार भी सिविल सेवा में हैं और हाल ही में उन्हें डूंगरपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर पदोन्नत किया गया है. रिया ने अपनी स्कूली शिक्षा नई दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ़ जीसस एंड मैरी से पूरी की और दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्री राम कॉलेज फॉर विमेन से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन की उपाधि हासिल की. 23 साल की उम्र में रिया डाबी ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर ली और 15वीं रैंक लाकर इतिहास रच दिया.
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