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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया की यात्रा पर हैं. ऐसे में अब लोग इस देश के इतिहास और भारत के साथ इसके संबंध के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं. जानें स्लोवाकिया के पड़ोसी देश कौन हैं और यहां के लोग कौन-कौन सी भाषाएं बोलते हैं...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून 2026 तक स्लोवाकिया की यात्रा पर हैं. साल 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है. यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी की तीन देशों की यूरोपीय यात्रा का हिस्सा है. पीएम मोदी ने स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचकर राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत की. ऐसे में अब लोग इस देश के इतिहास और भारत के साथ इसके संबंध के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं.
स्लोवाकिया मध्य यूरोप का देश है और यह चारों ओर से लैंडलॉक्ड यानी जमीन से घिरा हुआ है. इसकी सीमाएं उत्तर में पोलैंड, पूर्व में यूक्रेन, दक्षिण में हंगरी, दक्षिण-पश्चिम में ऑस्ट्रिया और पश्चिम में चेक गणराज्य से मिलती हैं. इसकी राजधानी ब्रातिस्लावा यूरोप की उन चुनिंदा राजधानियों में शामिल है जो दो देशों की सीमाओं के बेहद करीब है. यह ऑस्ट्रिया और हंगरी की सीमाओं के बीच है.
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आज का स्लोवाकिया कभी चेकोस्लोवाकिया का हिस्सा हुआ करता था. प्रथम विश्व युद्ध के बाद साल 1918 में चेकोस्लोवाकिया का गठन हुआ था. इसमें चेक और स्लोवाक शामिल थे. साल 1989 में यहां वेल्वेट रिवॉल्यूशन हुआ जिसके बाद यहां कम्युनिस्ट शासन का अंत हुआ और एक शांतिपूर्ण राजनीतिक बदलाव का रास्ता खुला. इसके बाद 1 जनवरी 1993 को चेकोस्लोवाकिया का विभाजन हुआ और स्लोवाकिया और चेक गणराज्य दो आजाद देशों के रूप में अस्तित्व में आए. इस शांतिपूर्ण बंटवारे को दुनिया वेल्वेट डायवोर्स के नाम से जानती है.

स्लोवाकिया का इतिहास काफी पुराना है. मध्यकाल में यह इलाका लंबे समय तक हंगरी साम्राज्य का हिस्सा रहा. 19वीं शताब्दी में स्लोवाक राष्ट्रीय पहचान मजबूत हुई और लोगों में अपनी भाषा, संस्कृति तथा साहित्य को लेकर जागरूकता बढ़ी. आज स्लोवाकिया यूरोपीय संघ, नाटो, शेंगेन एरिया और यूरोजोन का सदस्य है. इससे इसकी रणनीतिक और आर्थिक अहमियत और बढ़ जाती है.
स्लोवाकिया की आधिकारिक भाषा स्लोवाक है. यह पश्चिमी स्लाव भाषा समूह की भाषा है और चेक भाषा से काफी मिलती-जुलती है. चेकोस्लोवाकिया के दौर की वजह से आज भी यहां बड़ी संख्या में लोग चेक भाषा आसानी से समझ और बोल सकते हैं. स्लोवाक भाषा रोमन लिपि में लिखी जाती है. इस देश में हंगेरियन, रुसिन, यूक्रेनी, पोलिश, जर्मन और रोमानी भाषाएं बोलने वाले समुदाय भी रहते हैं. दक्षिणी क्षेत्रों में हंगेरियन भाषी आबादी भी रहती है.
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स्लोवाकिया की प्राकृतिक सुंदरता भी निराली है. इस देश का बड़ा हिस्सा कार्पेथियन पर्वतमाला से घिरा हुआ है. यहां का हाई टाट्रा पर्वत यूरोप के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है. स्लोवाकिया अपने प्राचीन किलों, गुफाओं, ऐतिहासिक शहरों और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी जाना जाता है. क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से छोटा होने के बावजूद यह देश यूरोप की राजनीति, अर्थव्यवस्था और उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
भारत और स्लोवाकिया के बीच व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल निर्माण, रेलवे विकास, रक्षा, नवाचार और नई तकनीकों में सहयोग बढ़ रहा है. स्लोवाकिया लंबे समय से भारत को रक्षा उपकरण उपलब्ध कराता रहा है, वहीं हाल के साल में भारत ने भी रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना शुरू किया है. दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते भी मजबूत हो रहे हैं.
साल 2024 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहली बार 1 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया था और 2025 में यह बढ़कर करीब 1.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. स्लोवाकिया में बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर और श्रमिक भी काम कर रहे हैं. स्थानीय उद्योगों में कुशल कर्मचारियों की मांग को देखते हुए स्लोवाकिया भारत से और अधिक श्रमिकों को अपने यहां जॉब देने में दिलचस्पी दिखा रहा है.
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