एजुकेशन
आज हम आपको बताएंगे कि आखिर डॉ. गीतांजलि जे आंगमो हैं कौन और वह डिग्रियों के मामले में अपने पति सोनम वांगचुक को कहां तक टक्कर देती हैं...
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक इन दिनों अपनी भूख हड़ताल को लेकर चर्चा में हैं. उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि जे आंगमो भी इस फैसले में उनके साथ खड़ी हैं. डॉ. गीतांजलि न सिर्फ हर मोड़ पर अपने पति का साथ देती हैं बल्कि शिक्षा, सामाजिक उद्यमिता और नेतृत्व के क्षेत्र में उनकी एक खास पहचान भी है. आज हम आपको बताएंगे कि आखिर डॉ. गीतांजलि जे आंगमो हैं कौन और वह डिग्रियों के मामले में अपने पति सोनम वांगचुक को कहां तक टक्कर देती हैं...
डॉ. गीतांजलि जे. आंगमो का जन्म ओडिशा के बालासोर में एक पंजाबी परिवार में हुआ था. उन्होंने फकीर मोहन यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया. इसके बाद उन्होंने भुवनेश्वर के जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से मार्केटिंग और फाइनेंस में एमबीए किया. आगे चलकर उन्होंने श्री अरबिंदो की फिलॉसफी में मास्टर डिग्री हासिल की और इंटीग्रल एजुकेशन फ्रेमवर्क पर रिसर्च करके अपनी पीएचडी भी पूरी की.
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एमबीए के बाद गीतांजलि ने छह साल तक कॉरपोरेट सेक्टर में काम किया. लेकिन उनके मन में भी समाज और एजुकेशन सेक्टर में बदलाव के लिए काम करने की इच्छा पल रही थी. उन्होंने Helios Books नाम की प्रकाशन संस्था, AUM हॉस्पिटल्स और AUM ट्रस्ट जैसी पहल शुरू कीं. बाद में उन्होंने ट्रांसफॉर्म इंडिया नाम की एक सामाजिक पहल भी शुरू की जिसका मकसद शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाना है.
सोनम वांगचुक और गीतांजलि की मुलाकात एक एजुकेशन कॉन्फ्रेंस में हुई थी. गीतांजलि ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहली मुलाकात में ही दोनों के विचार काफी मिलते-जुलते थे. गीतांजलि हमेशा से अपने जीवन को किसी बड़े सामाजिक उद्देश्य के लिए समर्पित करता चाहती थीं. सोनम से मुलाकात के बाद उन्हें लगा कि उन्हें ऐसा जीवनसाथी मिल गया है जिसके साथ मिलकर वह शिक्षा और समाज में बदलाव लाने का अपना सपना पूरा कर सकती हैं.
साल 2017 में गीतांजलि और सोनम वांगचुक ने मिलकर लद्दाख में हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) की स्थापना की. यह इंस्टीट्यूट रटने के बजाय असल जिंदगी की समस्याओं का समाधान ढूंढने , इनोवेशन और स्थानीय जरूरत के हिसाब से शिक्षा देने पर फोकस करता है. वर्तमान में डॉ. गीतांजलि इसकी सीईओ हैं.
गीतांजलि को खेलों में भी काफी दिलचस्पी है. वह कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं और साल 2009 में अमेरिका में आयोजित वर्ल्ड कराटा चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल भी जीत चुकी है. इसके अलावा वह ट्रेन्ड रूसी बैले डांसर भी हैं. शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार के वूमन ट्रांसफॉर्मेशन इंडिया अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है.