एजुकेशन
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क 2025 जारी कर दी गई है जिससे स्टूडेंट्स और पैरेंट्स इस बात का पता लगा सकते हैं कि उनके लिए कौन सी यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट बेस्ट रहेगा, आगे जानें सारी डिटेल्स...
शिक्षा मंत्रालय ने नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क 2025 जारी कर दी है. यह इस रैंकिंग का दसवां संस्करण है जिसमें भारत भर की टॉप यूनिवर्सिटी, कॉलेज और प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट्स की लिस्ट दी गई है. NIRF देश में हायर एजुकेशन का मूल्यांकन करने वाले सबसे अहम ढांचों में से एक है जो स्टूडेंट्स, पैरेंट्स और पॉलिसी मेकर्स को सही फैसला लेने में मदद करता है.
इस साल NIRF रैंकिंग में इंजीनियरिंग, प्रबंधन, चिकित्सा, कानून और रिसर्च इंस्टीट्यूट सहित 16 से अधिक कैटिगरी शामिल हैं. सस्टेनेबल डेलवेपमेंट गोल पर फोकस के साथ एक नई कैटिगरी भी शुरू हुई है जो शिक्षा में स्थिरता के बढ़ते महत्व को दर्शाती है.
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इस साल भी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास ने एनआईआरएफ रैंकिंग में फिर से टॉप जगह हासिल की है, यहां देखें पूरी लिस्ट-

आईआईटी मद्रास 2016 में एनआईआरएफ रैंकिंग की शुरुआत के बाद से लगातार टॉप पर है. यह उल्लेखनीय उपलब्धि सभी पांच प्रमुख मापदंडों में इसके असाधारण प्रदर्शन के कारण है:
टीचिंग, लर्निंग एंड रिसोर्स (TLR): आईआईटी मद्रास में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, बढ़िया स्टूडेंट-फैकल्टी रेशियो और मजबूत शैक्षणिक पाठ्यक्रम है, जो इसकी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करता है.
रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस (RPC): यह संस्थान रिसर्च आउटपुट में भी उत्कृष्टता रखता है और इसके पास अनेक पब्लिकेशन, पेटेंट और इंटस्ट्री कोलेब्रेशन हैं जो नवाचार के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
ग्रेजुएशन आउटकम (GO): आईआईटी मद्रास के स्नातकों की प्लेसमेंट और हायर स्टडीज में सफलता का दर भी बहुत बढ़िया है जो जो इसके शैक्षणिक कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को दर्शाता है.
आउटरीच एंड इन्क्लूसिविती (OI): यह संस्थान विविधता और समावेशिता को बढ़ावा देता है. इस साथ यह विभिन्न क्षेत्रों और पृष्ठभूमियों से छात्रों को आकर्षित करता है.
परसेप्शन: आईआईटी मद्रास की एम्प्लॉयर्स और एकेडमिक इंस्टीट्यूट्स के बीच भी काफी प्रतिष्ठा है जो इंजीनियरिंग एजुकेशन में अग्रणी के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूत करता है.
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