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शुभ्रा रंजन ने इस साल की दूसरी टॉपर हर्षिता गोयल से लेकर टीना डाबी तक की सफलता में अहम भूमिका निभाई है. जानें यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करवाने वाली इस टीचर के बारे में सबकुछ...
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल हज़ारों उम्मीदवार इसे पास करने की ख्वाहिश रखते हैं, लेकिन केवल मुट्ठी भर ही IAS अधिकारी बनने की अपनी चाहत में सफल हो पाते हैं. कई टॉपर्स की सफलता की कहानियों के पीछे उनके टीचर्स का मार्गदर्शन होता है. ऐसी ही एक टीचर शुभ्रा रंजन हैं. उन्होंने टीना डाबी, रिया डाबी और इशिता किशोर जैसे टॉपर्स की सफलता में अहम भूमिका निभाई है.
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शुभ्रा रंजन जानी-मानी शिक्षिका हैं जिनकी विशेषज्ञता पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन में है. यह यूपीएससी एस्पिरेंट्स के लिए एक लोकप्रिय ऑप्शनल सब्जेक्ट है. साथ ही इस विषय से जीएस के पेपर में भी काफी सवाल फंसते हैं. शुभ्रा एक कोचिंग इंस्टीट्यूट भी चलाती हैं जिसका नाम शुभ्रा रंजन IAS इंस्टीट्यूट है. सिविल सेवा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के बीच यह इंस्टीट्यूट काफी फेमस है.
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मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली शुभ्रा रंजन शिक्षकों के परिवार से आती हैं. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है जहां उनका परफॉर्मेंस काफी बढ़िया रहा था. इसके बाद अपना कोचिंग इंस्टीट्यूट खोलने से पहले भी उन्होंने कई सालों तक पढ़ाया. यूपीएससी कोचिंग के क्षेत्र में खुद को स्थापित करने से पहले शुभ्रा रंजन ने उत्तर प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाया और यूपी उच्च आयोग के लिए चुनी गईं. यूपीएससी की तैयारी प्रक्रिया में अपने जुड़ाव के बावजूद उन्होंने कभी खुद यह परीक्षा नहीं दी. उन्होंने कहा कि यूपीएससी क्रैक करना कभी उनकी महत्वाकांक्षा नहीं थी.
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शुभ्रा रंजन ने 15 साल पहले एक शिक्षिका के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी. पिछले कुछ सालों में उनके समर्पण और पढ़ाने के तरीके ने सैकड़ों छात्रों को उनके IAS बनने के सपने को साकार करने में मदद की है. उनके सफल स्टूडेंट्स में हर्षिता गोयल (AIR 2, 2024) टीना डाबी (AIR 1, 2015), इशिता किशोर (AIR 1, 2022), रिया डाबी (AIR 15, 2020), अनमोल सिंह बेदी (एआईआर 2, 2016), दिनेश कुमार (एआईआर 6, 2016), गुंजन द्विवेदी (AIR 9, 2018), त्रिप्ति धोदमिस (AIR 16, 2018), विशाखा यादव (AIR 6, 2019) और सत्यम गांधी (AIR 10, 2020) शामिल हैं.
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शुभ्रा रंजन का मार्गदर्शन व्यक्तिगत टॉपर्स से कहीं आगे तक फैला हुआ है. उनके पाठ्यक्रम विशेष रूप से कोर पॉलिटिकल साइंस की यूपीएससी एस्पिरेंट्स के बीच सबसे ज्यादा मांग है. यूपीएससी 2022 की टॉपर इशिता किशोर ने भी 2019 में इस कोर्स में दाखिला लिया था. उनकी मेंटरशिप में न केवल एकेडमिक एक्सीलेंस बल्कि मोटिवेशन भी शामिल है तो यूपीएससी की तैयारी की चुनौतीपूर्ण यात्रा में उम्मीदवारों के लिए बेहद जरूरी है.
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खुद कभी यूपीएससी परीक्षा का प्रयास न करने के बावजूद शुभ्रा रंजन ने कई सफल आईएएस अधिकारियों के करियर को आकार दिया है. एक मार्गदर्शक और शिक्षक के रूप में उनकी विरासत लगातार बढ़ रही है. वह भारत की सिविल सेवा सफलता की कहानियों का एक अमिट हिस्सा बन गई हैं.
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