Advertisement

न हालात से हारी और न अंग्रेजी को बनने दिया दीवार, गांव की लड़की पहले ही प्रयास में कैसे लाई NDA में 23वीं रैंक?

पहले ही प्रयास में यूपीएससी की एनडीए परीक्षा पास करके आज कोमल सैनी उन बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं जो अपने जीवन में कुछ खास मुकाम हासिल करना चाहते हैं लेकिन पिछड़े इलाके से आते हैं. जानें उनकी सफलता की कहानी...

Latest News
न हालात से हारी और न अंग्रेजी को बनने दिया दीवार,  गांव की लड़की पहले ही प्रयास में कैसे लाई NDA में 23वीं रैंक?

Komal Saini

Add DNA as a Preferred Source

किसी लक्ष्य को पाने के लिए पूरी लगन से मेहनत करनी पड़ती है. राजस्थान की कोमल सैनी की कहानी काफी प्रेरणादायक है जिन्होंने यूपीएससी एनडीए 2022 के 149वें कोर्स में 23वीं रैंक हासिल की है. उन्होंने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की और अब भारतीय सेना में अधिकारी बनने के लिए तैयार हैं.

यूपीएससी एनडीए 2022 परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में सफल होने वाली कोमल सैनी राजस्थान के भरतपुर की रहने वाली हैं. हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने के बावजूद उन्होंने इसे अपनी प्रगति में बाधा नहीं बनने दिया. हालांकि शुरुआत में उन्हें अंग्रेजी बोलने में दिक्कत हुई, लेकिन उन्होंने रोज़ाना शीशे के सामने अंग्रेजी बोलने का अभ्यास किया और धीरे-धीरे अपनी कम्युनिकेशन स्किल में सुधार किया.

इन चुनौतियों का करना पड़ा सामना

ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली कोमल को कई चुनौतियों और सामाजिक बाधाओं का सामना भी करना पड़ा. फिर भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने सपने को साकार करने के लिए पूरी ताकत लगा दी. 3 AFSB गांधीनगर से पहली ही कोशिश में SSB इंटरव्यू पास करना एक बड़ी उपलब्धि थी जिसने दिखाया कि लगन और कड़ी मेहनत रंग लाती है.

एसएसबी की तैयारी के बारे में कोमल ने बताया कि यह कोई असंभव परीक्षा नहीं है. यह रोज़मर्रा की सोच, व्यवहार और निर्णय लेने की क्षमता का मूल्यांकन करती है. नियमित अभ्यास, दौड़ना, पुशअप्स करना और ध्यान लगाना उम्मीदवारों को एसएसबी के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार कर सकता है.

शीशे के सामने खड़े होकर की इंग्लिश बोलने की प्रैक्टिस

कोमल ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई की लेकिन इसे कभी अपनी कमज़ोरी नहीं बनने दिया. अंग्रेजी भाषा में दिक्कत के बावजूद उन्होंने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा. वह रोजाना शीशे के सामने अंग्रेजी बोलने का अभ्यास करती थी और धीरे-धीरे अपनी संचार कौशल में सुधार करती गईं. उन्होंने कई कठिनाइयों और सामाजिक चुनौतियों का सामना किया लेकिन कभी हार नहीं मानी और अपने सपने को साकार करने के लिए पूरी कोशिश की.

कोमल अपने पहले ही प्रयास में एनडीए के लिए चयनित हुईं और उन्होंने 3 एएफएसबी गांधीनगर से एसएसबी इंटरव्यू पास कर लिया. आज कोमल उन बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं जो अपने जीवन में कुछ खास मुकाम हासिल करना चाहते हैं लेकिन पिछड़े इलाके से आते हैं. 

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement