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मिलिए सतना की अफसर बिटिया प्रिया पाठक से, रातभर पढ़ाई करके DSP से बनीं डिप्टी कलेक्टर

मध्य प्रदेश के सतना की रहने वालीं प्रिया पाठक की कहानी बेहद दिलचस्प है जिन्होंने समाज की भलाई के लिए सिविल सेवा में जाने का मन बनाया. पढ़ें उनकी सफलता की कहानी...

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मिलिए सतना की अफसर बिटिया प्रिया पाठक से, रातभर पढ़ाई करके DSP से बनीं डिप्टी कलेक्टर

Priya Pathak MPPSC Topper

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कठिन परिश्रम और अनुशासन के दम पर ऐसा कुछ नहीं जिसे हासिल नहीं किया जा सके.  मध्य प्रदेश के सतना की रहने वालीं प्रिया पाठक की कहानी भी बेहद दिलचस्प है जिन्होंने समाज की भलाई के लिए सिविल सेवा में जाने का मन बनाया. अपनी लगन से उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में मध्य प्रदेश राज्य सिविल सेवा परीक्षा 2019 में पहला रैंक भी लाया. प्रिया पाठक ने अपनी सफलता के पीछे की दिलचस्प कहानी सुनाई है.

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बेहद दिलचस्प है प्रिया पाठक की सफलता की कहानी
प्रिया की कहानी में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जब रिजल्ट जारी हुआ तब वह पहले से ही डिप्टी एसपी थीं. उन्होंने एमपीपीएससी 2020 परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल की थी जिसकी परीक्षा भले बाद में आयोजित की गई थी लेकिन इसका रिजल्ट 2019 की परीक्षा से काफी पहले जारी हो चुका था. MPPSC 2019 को मध्य प्रदेश के इतिहास की सबसे विवादास्पद परीक्षा माना गया. दरअसल एमपीपीएससी-19 की प्रीलिम्स परीक्षा जनवरी 2020 में हुई थी लेकिन आरक्षण विवाद से लेकर भर्ती नियमों जैसे मुद्दों के चलते मेन्स परीक्षा और इंटरव्यू को कई बार टालना पड़ा. मेन्स परीक्षा दो बार हुई. पहली बार यह परीक्षा 2021 में और फिर दूसरी बार 2023 में हुई और इंटरव्यू आखिरकार 2023 के अगस्त-अक्टूबर में हुआ.

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कितनी पढ़ी-लिखी हैं प्रिया पाठक
प्रिया पाठक ने कक्षा 5 तक की पढ़ाई अपने गांव से ही की. उसके बाद उन्होंने 12वीं की पढ़ाई सतना के रहिकवारा नागौद नवोदय विद्यालय से की. अपनी बीएससी की पढ़ाई उन्होंने जबलपुर की रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी से जैव प्रौद्योगिकी में की जिसमें उन्होंने साल 2017 में गोल्ड मेडल भी जीता. इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से उन्होंने राजनीति विज्ञान में एमए पूरा किया जिसमें भी वह गोल्ड मेडलिस्ट रहीं. स्कूल में पढ़ाई के दौरान वह डॉक्टर बनना चाहती थी लेकिन जब उनके पिता ने उन्हें समझाया कि उन्हें सिविल सर्विसेज के लिए प्रयास करना चाहिए तो उन्होंने अपना इरादा बदल लिया.

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कब शुरू की सिविल सेवा की तैयारी
उन्होंने 2018 में बीएससी के अंतिम वर्ष से ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. उन्होंने सेल्फ स्टडी को अपना हथियार बनाया और बेसिक और स्टैंडर्ड किताबें पढ़ीं. जब पीजी कोर्स के लिए वह इंदौर गईं तो उन्होंने कुछ समय के लिए एक कोचिंग इंस्टीट्यूट भी जॉइन किया और यहां उन्हें कई टीचर्स से मार्गदर्शन मिला. प्रिया उम्मीदवारों को सलाह देती हैं कि जितना ज्यादा हो सके उन्हें मॉक टेस्ट देते रहने चाहिए इससे आप अपनी तैयारी का मूल्यांकन कर पाते हैं. आज उनकी सफलता की कहानी लाखों युवाओं को प्रेरित कर रही है.

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