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Jharkhand Board Paper Leak: झारखंड बोर्ड 10वीं का पेपर लीक, हिंदी और साइंस की परीक्षा रद्द

Jharkhand Board 10th Science Paper Leaked: काउंसिल के अध्यक्ष नटवा हांसदा ने कहा है कि साइंस पेपर की परीक्षा रद्द की जाएगी. जांच में पाया गया कि पेपर 19 फरवरी की शाम से ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा था.

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Jharkhand Board Paper Leak: झारखंड बोर्ड 10वीं का पेपर लीक, हिंदी और साइंस की परीक्षा रद्द

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झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की दसवीं बोर्ड परीक्षा के साइंस का पेपर लीक हो गया. यह परीक्षा गुरुवार सुबह आयोजित की गई थी. काउंसिल ने पेपर लीक का मामला सही पाया है. इस वजह से साइंस और हिंदी की परीक्षा रद्द कर दी गई है. पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने इस मुद्दे पर गुरुवार हाई लेवल मीटिंग बुलाई थी. जांच में पाया गया कि पेपर 19 फरवरी की शाम से ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा था.

दरअसल, JAC बोर्ड एग्जामिनेशन क्वेश्चन पेपर 2025 नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था. इसमें 10वीं साइंस का पेपर देने के एवज में छात्रों से 350 रुपये की डिमांड की जा रही थी. इस ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी वायरल होने लगा. कुछ ही समय में 1000 से ज्यादा लोग इस ग्रुप से जुड़ गए. 19 फरवरी को विज्ञान का प्रश्न पत्र वायरल होने लगा. जबकि आज यानी 20 फरवरी सुबह यह पेपर आयोजित होना था.

इस प्रश्न पत्र की फोटो कॉपी लेकर एक छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को काउंसिल के पदाधिकारियों से मुलाकात की थी. आज (गुरुवार) सुबह 9.45 बजे जब परीक्षा शुरू हुई तो पेपर हू-ब-हू साइंस का वही पेपर था, जो पहले से वायरल हो रहा था. इसकी जानकारी तत्काल राज्य सरकार को गई, जिसके बाद पेपर रद्द करने की प्रशासनिक कवायद शुरू हुई.

हाई लेवल कमेटी करेगी जांच
काउंसिल के अध्यक्ष नटवा हांसदा ने कहा है कि पेपर कैसे लीक हुआ, इसकी जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित की जाएगी. इसके पहले हिंदी का प्रश्न पत्र लीक होने की भी पुरजोर चर्चा थी. 

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छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने काउंसिल के सचिव को सौंपे गए एक ज्ञापन में भी इसकी जानकारी दी थी.  हालांकि, उस वक्त काउंसिल ने आम सूचना जारी कर परीक्षार्थियों से प्रश्न पत्र वायरल होने की अफवाहों से दूर रहने की अपील की थी. जैक सचिव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया था कि अभ्यर्थियों को भ्रामक खबरों से बचना है. परिषद पूरी गोपनीयता और निष्पक्षता के साथ पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

बता दें कि राज्य में दसवीं की परीक्षा 11 फरवरी से शुरू हुई थी. इसके लिए राज्य भर में 1,297 केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 4,33,890 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

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