एजुकेशन
जेएनयू ने विदेशी स्टूडेंट्स की फीस में भारी कटौती की है, जानें ग्लोबल स्टूडेंट्स जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से कौन-कौन से कोर्स करते हैं...
इंटरनेशनल एडमिशन को बढ़ावा देने और अपनी ग्लोबल प्रतिष्ठा को बढ़ाने के लिए जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने विदेशी स्टूडेंट्स के ट्यूशन फीस में भारी कटौती की है. इस शैक्षणिक वर्ष से विदेशी स्टूडेंट्स को कोर्स और मूल क्षेत्र के आधार पर 33% से 80% तक कम फीस देनी होगी. सबसे बड़ी फीस कटौती SAARC (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) देशों, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के स्टूडेंट्स के लिए की गई है. फीस में कमी करने का मकसद विकासशील देशों के स्टूडेंट्स के लिए जेएनयू को अधिक किफायती बनाना है.
जेएनयू ने यह कदम हाल के वर्षों में जेएनयू में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के इनरोलमेंट में गिरावट के बाद उठाया गया है. साल 2020-21 में जेएनयू में 152 विदेशी स्टूडेंट थे, लेकिन 2023-24 तक यह संख्या तेजी से घटकर सिर्फ़ 51 रह गई. जेएनयू में स्टूडेंट्स को भेजने वाले देशों की संख्या भी घट गई जो 14 से घटकर सिर्फ 8 रह गई. कई विदेशी स्टूडेंट्स ने इस गिरावट के लिए हाई ट्यूशन फीस को जिम्मेदार बताया था.
उदाहरण के लिए अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के स्टूडेंट्स को अब ह्यूमेनिटीज कोर्स के लिए प्रति सेमेस्टर केवल 300 डॉलर का भुगतान करना होगा, जो कि पहले के 1,500 डॉलर के फीस से बहुत कम है. इन देशों के साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स को प्रति सेमेस्टर 400 डॉलर का भुगतान करना होगा, जो कि पहले के 1,900 डॉलर से काफी कम है.
SAARC देशों के स्टूडेंट्स को भी फीस में भारी कटौती का फायदा मिलेगा. ह्यूमेनिटीज में दाखिला लेने वालों को अब 71% की कटौती के साथ 700 डॉलर की जगह 200 डॉलर का भुगतान करना होगा. साइंस स्ट्रीम के लिए फीस 57% की गिरावट के साथ पहले के 700 डॉलर से घटाकर 300 डॉलर कर दी गई है.
पश्चिम एशियाई देशों के स्टूडेंट्स के लिए रिवाइज्ड फीस ह्यूमेनिटीज के लिए $500 (1,500 डॉलर से कम) और साइंस के लिए $600 (1,900 डॉलर से कम) है. इस बीच दूसरे सभी देशों के स्टूडेंट्स के लिए सेमेस्टर फीस ह्यूमेनिटीज के लिए $1,000 और साइंस के लिए $1,250 कर दिया गया है. सभी इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को $500 का वन टाइम रजिस्ट्रेशन फीस भी देना होगा.
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में विदेशी स्टूडेंटस कई कोर्स करते हैं, जिनके बारे में हम आपको नीचे विस्तार से बताने वाले हैं-
1. लैंग्वेज एंड लिटरेचर स्टडीज
जेएनयू का स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चर स्टडीज (एसएलएल एंड सीएस) दुनिया भर में मशहूर है. यह विदेशी और भारतीय दोनों भाषाओं में कोर्स करवाता है, जिनमें अरबी, चीनी, फ्रेंच, जर्मन, जापानी, कोरियाई, फ़ारसी, रूसी और स्पेनिश के अलावा संस्कृत, हिंदी और उर्दू जैसी भाषाएं शामिल हैं.
2. इंटरनेशनल रिलेशन एंड पॉलिटिकल स्टडीज
जेएनयू का स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (एसआईएस) भारत और विदेशों में सबसे जाने-माने डिपार्टमेंट में से एक है जो पॉलिटिकल साइंस, डिप्लोमेसी एंड डिसआर्ममेंट, इंटरनेशनल लॉ एंड गवर्नेंस, एरिया स्टडीज (साउथ एशिया, अफ्रीका, यूरोप, सेंट्रल एशिया, लेटिन अमेरिका) जैसे सब्जेक्ट्स पढ़ाए जाते हैं. ये कोर्स उन स्टूडेंट्स को आकर्षित करते हैं जो इंडियन फॉरन पॉलिसी, डिप्लोमेसी या इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में दिलचस्पी रखते हैं.
3. सोशल साइंस
अपने स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (एसएसएस) के माध्यम से जेएनयू विदेशी स्टूडेंट्स को विभिन्न लोकप्रिय कोर्स करवाते हैं जिनमें सोशियोलॉजी, इकोनॉमिक्स, हिस्ट्री, ज्योग्रफी, फिलॉसफी जैसे कोर्स शामिल हैं.
4. साइंस एंड लाइफ साइंसेस
जेएनयू एडवांस साइंस रिसर्च करने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए भी एक पसंदीदा विकल्प है जिसमें बायोटेक्नोलॉजी, मॉलीक्यूलर मेडिसिन, एनवायरन्मेंटल साइंस, फिजिक्स, कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी जैसे कोर्स शामिल है. इन सब्जेक्ट में एमफिल और पीएचडी स्तर के कोर्स में उपलब्ध हैं.
5. डेलवेपमेंट एंड पॉलिसी स्टडीज
स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी और स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के तहत डेवलेपमेंट स्टडीज, पब्लिक पॉलिसी, इकोनॉमिक पॉलिसी और जेंडर स्टडीज जैसे पाठ्यक्रम ऑफर किए जाते हैं. ये कोर्स गवर्नेंस और डेलवेपमेंट में करियर बनाने के इच्छुक देशों के स्टूडेंट्स के बीच लोकप्रिय हैं.
विदेशी स्टूडेंट्स के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय डिग्रियां
पीएचडी और एमफिल : ये जेएनयू में विदेशी स्टूडेंट्स के लिए सबसे अधिक मांग वाले कार्यक्रम हैं.
एम.ए. डिग्री : खासतौर पर इंटरनेशनल रिलेशन, राजनीति विज्ञान और इकोनॉमी जैसे सब्जेक्ट में लोकप्रिय है.
लैंग्वेज में बी.ए. (ऑनर्स): विदेशी या भारतीय भाषाओं में स्नातक कार्यक्रम भी लोकप्रिय हैं.
सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स: लैंग्वेज और एरिया स्टडीज में शॉर्ट टर्म कोर्स में भी अच्छी भागीदारी देखी जाती है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.