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यह कहानी दिल्ली-एनसीआर के रहने वाले नमिश छाबड़ा की है जिसकी मैथ्स में दिलचस्पी ने उन्हें आईआईटी तक पहुंचाया. जानें उनकी सफलता की कहानी...
अगर आप कुछ पाना चाहते हैं तो अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के दम पर आप उसे जरूर हासिल कर सकते हैं. ऐसी ही कहानी दिल्ली-एनसीआर के रहने वाले नमिश छाबड़ा की भी है जिसकी मैथ्स में दिलचस्पी ने उन्हें आईआईटी तक पहुंचाया. उनकी सफलता की कहानी उन लाखों युवाओं के प्रेरणास्रोत से जो आईआईटी में दाखिला पाना चाहते हैं.
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नमिश की स्कूलिंग नोएडा के कैम्ब्रिज स्कूल से हुई है. उनके मुताबिक स्कूल में रहते हुए उन्हें कभी भी किसी भी तरह की एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज या खेलों में खास दिलचस्पी नहीं रही. लेकिन कक्षा 10 में चीजें बदल गईं. कक्षा 10 में अपना गणित का पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद कक्षा 11 और 12 में भी उनकी मैथ्स में दिलचस्पी बढ़ गई. उन्हें मैथ्स की प्रॉब्लन सॉल्व करना और नए कॉन्सेप्ट सीखना अच्छा लगने लगा. कक्षा 10 के बोर्ड एग्जाम खत्म होने के बाद उन्होंने कक्षा 11 और 12 की मैथ्स की NCERT की किताबों में मौजूद सवालों को सॉल्व करना शुरू कर दिया.
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11वीं-12वीं की समस्याओं को सॉल्व करने पर उन्हें लगा कि JEE पास करने में उन्हें बहुत मुश्किल नहीं होगा और उन्होंने JEE की तैयारी करने का फैसला किया. उन्होंने 2024 में JEE की परीक्षा दी और JEE मेन में उनकी 2,604 और JEE एडवांस्ड में 2,365 रैंक आई. उन्होंने अपनी तैयारी एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के ऑनलाइन लेक्चर के जरिए की क्योंकि ये स्कूल जाने वाले स्टूडेंट्स के लिए अधिक सुविधाजनक था. हालांकि स्कूल और ऑनलाइन दोनों पढ़ाई एकसाथ करना भी मुश्किल था लेकिन वह अपने कोचिंग मॉड्यूल स्कूल में ही सॉल्व कर लेते थे.
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उन्हें मैथमेटिक्स और लॉजिक पसंद था इसलिए वह ऐसी ब्रांच से इंजीनियरिंग करना चाहते थे जिसमें मैथमैटिकल एप्लीकेशन को जमकर पढ़ना हो. इसके बाद उन्होंने JoSAA काउंसलिंग में कंप्यूटर साइंस, मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विकल्प के रूप में भरा. आखिरकार साल 2024 में उन्हें आईआईटी रोपड़ में कंप्यूटर साइंस ब्रांच में दाखिला मिला. उनकी कहानी कई स्टूडेंट्स को प्रेरणा से भर देगी जो इंजीनियरिंग की फील्ड में कुछ करना चाहते हैं.
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