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रेलवे भर्ती परीक्षा में उम्मीदवारों की सहूलियत के लिए कई नियमों में बदलाव किया किया है. जानें क्या है रेलवे भर्ती बोर्ड की सेक्युलर गाइडलाइंस...
अगर आप आने वाले दिनों में रेलवे की भर्ती परीक्षाएं देने वाले हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. रेलवे भर्ती परीक्षा में उम्मीदवारों की सहूलियत के लिए कई नियमों में बदलाव किया किया है. रेलवे भर्ती बोर्ड की नई नियमावली के मुताबिक अब उम्मीदवार धार्मिक प्रतीक चिन्ह जैसे कड़ा, कलावा और बिंदी आदि लगाकर भी परीक्षा दे सकते हैं. हालांकि इसके लिए उन्हें कड़े जांच से गुजरना पड़ेगा और इसके बाद ही उन्हें इन चीजों को पहनकर परीक्षा हॉल में जाने की इजाजत दी जाएगी.
रेलवे को यह फैसला उम्मीदवारों के विरोध के बाद लेना पड़ा. इसके पहले कर्नाटक और पंजाब में कलावा और कड़े को उतारकर उम्मीदवारों को परीक्षा देने की इजाजत मिली थी जिसे लेकर उनमें काफी रोष था. इसका छात्रों ने काफी कड़ा विरोध किया और इसके बाद आनन-फानन में रेलवे को ऐसा फैसला लेना पड़ा.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में हुए इस बदलाव को 'सेक्युलर गाइडलाइन्स' नाम दिया गया है, जहां आस्था और विश्वास का सम्मान करते हुए परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा को भी पूरी तरह बनाए रखा गया है. रेलवे के इस फैसले के बाद से अब परीक्षाओं के दौरान पगड़ी, बिंदी, कड़ा और कलावा जैसे धार्मिक प्रतीकों पर कोई रोक नहीं होगी.
इसके अलावा रेलवे भर्ती बोर्ड ने नकल को रोकने के लिए भी कड़े इंतजाम किए हैं. आरआरबी ने परीक्षा की अखंडता को बनाए रखना और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अपने सभी परीक्षा केंद्रों पर फेस रिकग्निशन को अनिवार्य बना दिया है. साथ ही मोबाइल जैमर की भी तैनाती की है. आरआरबी आधार ई-केवाईसी-आधारित फोटो वेरिफिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल करेगी. यह तकनीक परीक्षा के दिन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान बोर्ड को वास्तविक समय में चेहरे का मिलान करने में सक्षम बनाएगी.
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