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वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट (WDMMA) की 2026 ग्लोबल एयर पावर रैंकिंग में IAF ने लगातार पांचवें साल दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली एयर फोर्स की अपनी जगह बरकरार रखी है. जानें किस नंबर पर हैं चीन और पाकिस्तान...
भारत एयर पॉवर के मामले में दुनियाभर में अपना डंका बजा रहा है. आप यह जानकर गर्व महसूस करेंगे कि भारतीय वायुसेना एक नई ग्लोबल रैंकिंग में चीन-पाकिस्तान से बहुत ऊपर है. दरअसल वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट (WDMMA) की 2026 ग्लोबल एयर पावर रैंकिंग में IAF ने लगातार पांचवें साल दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली एयर फोर्स की अपनी जगह बरकरार रखी है. इस रैंकिंग में इंडियन एयरफोर्स से आगे सिर्फ अमेरिका और रूस की वायुसेनाएं हैं. वहीं, इस लिस्ट में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स सातवें और पाकिस्तान एयरफोर्स 18वें नंबर पर है.
एयर पावर के मामले में भारत को इस लिस्ट में तीसरा स्थान मिला है. वहीं अगर आर्मी, नेवी और एयरफोर्स तीनों की बात करें तो इंडियन आर्म्ड फोर्सेस को दुनिया के सबसे ताकतवर सेनाओं में छठा नंबर मिला है. इस लिस्ट में यूएस एयरफोर्स पहले, यूएस नेवी दूसरे, रशियन एयरफोर्स तीसरे, यूएस आर्मी चौथे और यूएस मरीन पांचवें नंबर पर हैं. इनके बाद इंडियन एयरफोर्स छठे स्थान पर है. चाइनीज एयरफोर्स सातवें, जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स आठवें, इजरायली एयरफोर्स नौवें और फ्रेंच एयरफोर्स दसवें पर है.
WDMMA दुनिया के 103 देशों की 129 एयर सर्विस का मूल्यांकन करती है. इस विश्लेषण में 48,000 से ज्यादा मिलिट्री एयरक्राफ्ट शामिल हैं. 'ट्रू वैल्यू रेटिंग' सिस्टम के आधार पर दुनियाभर के देशों के एयरफोर्स की ताकत का आकलन किया गया है. इसमें सिर्फ विमानों की संख्या ही नहीं बल्कि बेड़े की गुणवत्ता, तकनीकी क्षमता, आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स, मिशन क्षमता, ट्रेनिंग और ऑपरेशनल कैपेबिलिटी जैसे पहलुओं को भी परखा जाता है. इस वजह से इस लिस्ट में कोई देश कम विमान होने के बावजूद भी बढ़िया रैंक हासिल कर सकता है.
इंडियन एयरफोर्स के पास फिलहाल 1,716 एयरक्राफ्ट हैं. इनमें करीब 542 लड़ाकू और अटैक एयरक्राफ्ट, 498 हेलीकॉप्टर, 282 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 374 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट और 20 स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट शामिल हैं. स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट में एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AEW&C), इंटेलिजेंस गेदरिंग प्लेटफॉर्म और रिफ्यूलिंग असेट्स भी शामिल हैं. हेलीकॉप्टर बेड़े में बड़ी संख्या में Mi-17 हेलीकॉप्टर के साथ स्वदेशी HAL ध्रुव और रुद्र हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं.
वहीं, चीनी एयरफोर्स के पास करीब 3,733 एयरक्राफ्ट हैं. ये संख्या के लिहाज से इंडियन एयरफोर्स से काफी ज्यादा हैं. इसके बावजूद WDMMA की रैंकिंग में भारत चीन से ऊपर है. WDMMA सिर्फ बेड़े के आकार के बजाय उसकी गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक, मिशन विविधता, रखरखाव, ट्रेनिंग और ऑपरेशनल कैपेबिलटी को ज्यादा महत्व देती है.