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IIT खड़गपुर की एक स्टूडेंट ने अपने JEE एडवांस्ड 2025 मॉक टेस्ट के दौरान ChatGPT o3 को टेस्ट किया और इसका रिजल्ट चौंकाने वाला था. जानें पूरा मामला...
सेल्फ-ड्राइविंग कार से लेकर रिलेशनशिप सलाह देने तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कई फील्ड का अभिन्न अंग बन गया है. इसके अलावा सैम ऑल्टमैन का चैटजीपीटी काफी समय से चर्चा में बना हुआ है. इसके कई नए वर्जन के साथ इसे लगातार एडवांस बनाया जा रहा है. हाल ही में IIT खड़गपुर की एक स्टूडेंट ने अपने JEE एडवांस्ड 2025 मॉक टेस्ट के दौरान ChatGPT o3 को टेस्ट किया और इसका रिजल्ट चौंकाने वाला था.
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सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म हेल्टर पर एक ब्लॉग पोस्ट में अनुष्का आश्वी ने खुलासा किया कि मॉडल ने जेईई एडवांस्ड के मॉक टेस्ट में 360 में से 327 नंबर हासिल किए. अगर ओरिजनल एग्जाम में ऐसा रिजल्ट आता तो कैंडिडेट पूरे भारत में चौथी रैंक हासिल कर सकता है. अनुष्का ने बताया कि उन्होंने इस मॉक टेस्ट का सारा माहौल वास्तविक जैसा बनाया था. चैटजीपीटी मॉडल को जेईई कैंडिडेट की तरह काम करने के लिए निर्देश दिया गया था. उसे पिछले आंसर को याद किए बिना और इंटरनेट एक्सेस के बिना हर सवाल को अगल से सॉल्व करना था. कैरीओवर लर्निंग को रोकने के लिए हर सवाल को नए चैट सेशन में सॉल्व किया गया.
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आश्वी ने लिखा, 'हमने 18 मई को आयोजित जेईई एडवांस्ड 2025 प्रश्न पत्र पर चैटजीपीटी ओ3 मॉडल (जो 16 अप्रैल 2025 को जारी किया गया था) को टेस्ट किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सवालों में एआई मॉडल के लिए नयापन हो.' इन बाधाओं के बावजूद ChatGPT o3 ने लगभग हर कदम पर प्रभावित किया. इस प्लेटफ़ॉर्म ने उसे पेपर के दूसरे भाग के दौरान केमेस्ट्री और मैथ्स में पूरे नंबर हासिल करने में मदद की और फिजिक्स में सिर्फ कुछ मार्क्स ही गंवाने पड़े.
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इसने एल्जेब्रा और कैलकुलस की लंबी समस्याओं को आसानी से सॉल्व कर लिया. मॉडल ने कई चैप्टर्स से कॉन्सेप्ट को मिलाकर सही समाधान तक पहुंचने में बढ़िया प्रदर्शन किया. इसके अलावा चैट जीपीटी कम्पाउंड्स को उनके फॉर्मूला से सही ढंग से समझने और उसे सही से सॉल्व करने में सक्षम रहा. हालांकि ChatGPT o3 को कुछ विज़ुअल और इंस्ट्रूमेंट बेस्ड सवालों के साथ संघर्ष करना पड़ा. आश्वी ने बताया कि यह वर्नियर स्केल की सही एक्सप्लेनेशन करने में विफल रहा और एक ग्राफिकल सवाल का उत्तर देने में लगभग 10 मिनट लग गए जो गलत निकला. यह वर्नियर स्केल रीडिंग को समझने में सक्षम नहीं था. इसे इस सवाल का जवाब देने में बहुत समय लगा और फिर भी उत्तर गलत निकला.
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