एजुकेशन
अगर आप कॉमर्स बैकग्राउंड से आते हैं और यह जानना चाहते हैं कि आखिर भारत में एक सीए प्रोफेशनल कितनी कमाई करता है तो यह खबरे आपके लिए ही है....
सीए वह पेशेवर होता है जो सामान्य व्यक्ति से लेकर कंपनियों तक को उनके फाइनेंस मैनेज करने की सलाह देता है. इसके अलावा वह वित्तीय रिपोर्ट बनाने और कानून के मुताबिक सेवाएं भी मुहैया कराता है. सीए बनने के लिए आपको कॉमर्स स्ट्रीम से 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है जिसमें आपको गणित पढ़ा हुआ होना भी जरूरी है. हर साल लाखों स्टूडेंट्स सीए की परीक्षाएं देते हैं लेकिन उनमें से मुट्ठी भर ही इसे पास कर पाते हैं.
भारत में चार्टेड अकाउंटेंट को मोटी कमाई करने वाला पेशा माना जाता है. इस पेशे में जगह, एक्सपीरियंस और कंपनी के आधार पर भी सैलरी बढ़ती रहती है. ग्लासडोर के आंकड़ों के मुताबिक हमारे देश में एक सीए का औसत वेतन लगभग 10 लाख रुपये सालाना है. यहां 0-2 साल के अनुभव वाले फ्रेशर्स को 50-80 हजार रुपये प्रतिमाह, 3 से 7 साल के एक्सपीरियंस वाले मिड एक्सपीरियंस वाले प्रोफेशनल को ₹1.25-2.1 लाख और 10 साल से ज्यादा एक्सपीरियंस वाले सीए को ₹2.5 लाख रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलता है.
सीए फाइनल पास करने और आर्टिकलशिप (या आईसीएआई के माध्यम से सीधे प्रवेश) पूरी करने के बाद एक फ्रेशर सीए आमतौर पर ऑडिट फर्मों, कंसल्टिंग, कॉर्पोरेट फाइनेंस या टैक्सेशन की भूमिकाओं में शामिल हो जाता है. इसके बाद जैसे-जैसे आपका एक्सपीरियंस बढ़ता है, आपका वेतन भी बढ़ने लगता है. जगह, एक्सपर्टीज और सीए फर्म भी सैलरी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
आप किसी फर्म से जुड़ने के अवाला व्यक्तिगत रूप से भी सीए का पेशा अपना सकते हैं. आप अपनी प्रैक्टिस कर सकते हैं और व्यक्तिगत कमाई कर सकते हैं. एक व्यक्ति अपनी मांग के अनुसार एक मज़बूत क्लाइंट बेस के साथ प्रैक्टिस करके किसी फर्म में काम करने वाले व्यक्ति की तुलना में बेहतर कमाई कर सकता है.
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