एजुकेशन
चाय बेचने वाले के बेटे ने यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर ली है. उन्होंने घर पर पढ़ाई कर यह सफलता हासिल की है. पढ़ें यूपी के चंदौली के देव डुडेजा की सक्सेस स्टोरी...
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा हर साल आयोजित होती है. इसे दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है. देशभर के अनगिनत लोगों का इस परीक्षा को क्रैक करने का सपना होता है, लेकिन सिर्फ मुट्ठीभर लोग ही इसे पास कर पाते हैं. इस परीक्षा में अलग-अलग पृष्ठभूमि के स्टूडेंट्स बैठते हैं और उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. कई स्टूडेंट्स आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं, वे तमाम बाधाओं के बावजूद यूपीएससी के लिए मोटिवेटेड रहते हैं और आखिर में सफलता हासिल करके ही दम लेते हैं.
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उत्तर प्रदेश के देव डुडेजा की सफलता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. देव के पिता इंद्र मोहन उत्तर प्रदेश के चंदौसी में एसएम कॉलेज के पास एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते हैं. आर्थिक तंगी से जूझने के बावजूद उन्होंने अपने बेटे को कभी पढ़ाई से दूर नहीं रखा. वह हर कदम पर बेटे को सपोर्ट करते रहे.देव की मां चंद्रप्रभा पास के गांव के एक कंपोजिट स्कूल में सहायक शिक्षिका के रूप में काम करती हैं. उनका एक छोटा भाई साकेत भी है जो अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा है.
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देव की स्कूलिंग चंदौसी के आरके स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. दिल्ली में रहने के दौरान ही देव ने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी. वह ऑनलाइन कोचिंग के जरिए इस परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे. लेकिन देव को सफलता आसानी से नहीं मिलने वाली थी. सफलता पाने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा.
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वह अपने पहले दो प्रयासों में असफल रहे. लेकिन 2024 में अपने तीसरे प्रयास में उन्हें अपनी मेहनत का फल मिला. इस बार उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में 327वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की. बेटे की सफलता से पिता इंद्र मोहन के साथ पूरा का पूरा इलाका गर्व से फूला नहीं समा रहा है. उनकी सफलता उन उम्मीदवारों के लिए उम्मीद की किरण है जो आर्थिक तंगी या विपरीत परिस्थितियों में अपनी मंजिल हासिल नहीं कर पाते. उनकी कहानी दिखाती है कि अगर आपमें निरंतरता और कुछ कर गुजरने का जज्बा है तो आप कोई भी मुकाम हासिल कर सकते हैं.
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